भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ को एक बड़ी कूटनीतिक और तकनीकी सफलता मिली है। 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को इसकी घोषणा करते हुए साफ किया कि दुनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मानव-केंद्रित एआई दृष्टिकोण’ को खुले तौर पर स्वीकार कर लिया है। यह कदम वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के सुरक्षित, समान और जवाबदेह विकास की दिशा में एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है। ग्लोबल साउथ का नेतृत्व: यह ‘ग्लोबल साउथ’ में आयोजित होने वाला दुनिया का पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन था। यह ‘ग्लोबल साउथ’ में आयोजित होने वाला दुनिया का पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन था। हितधारकों का महामंच: इस आयोजन में दुनिया भर के सरकारी नीति-निर्माताओं, एआई क्षेत्र के उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, टेक्नोलॉजी इनोवेटर्स और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन में दुनिया भर के सरकारी नीति-निर्माताओं, एआई क्षेत्र के उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, टेक्नोलॉजी इनोवेटर्स और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मानवता के लिए एआई: इस समिट का फोकस एआई की परिवर्तनकारी क्षमता पर विचार करने के साथ-साथ, ‘मानवता के लिए एआई’ के वैश्विक सिद्धांत को आगे बढ़ाना था। इस समिट का फोकस एआई की परिवर्तनकारी क्षमता पर विचार करने के साथ-साथ, ‘मानवता के लिए एआई’ के वैश्विक सिद्धांत को आगे बढ़ाना था। प्रशासन और सुरक्षा: यह शिखर सम्मेलन एआई के प्रशासन, सुरक्षा मानकों और समाज पर इसके प्रभाव को लेकर वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की एक विकसित होती …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
AI Impact Summit 2026: भारत के विजन पर 88 देशों-संगठनों की मुहर, 'सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय' पर वैश्विक सहमति
भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' को एक बड़ी कूटनीतिक और तकनीकी सफलता मिली है। 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को इसकी घोषणा करते हुए साफ किया कि दुनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मानव-केंद्रित एआई दृष्टिकोण' को खुले तौर पर स्वीकार कर लिया है। यह कदम वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के सुरक्षित, समान और जवाबदेह विकास की दिशा में एक अहम मील का पत