ग्लोबल साउथ का नेतृत्व: यह ‘ग्लोबल साउथ’ में आयोजित होने वाला दुनिया का पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन था। यह ‘ग्लोबल साउथ’ में आयोजित होने वाला दुनिया का पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन था। हितधारकों का महामंच: इस आयोजन में दुनिया भर के सरकारी नीति-निर्माताओं, एआई क्षेत्र के उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, टेक्नोलॉजी इनोवेटर्स और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन में दुनिया भर के सरकारी नीति-निर्माताओं, एआई क्षेत्र के उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, टेक्नोलॉजी इनोवेटर्स और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मानवता के लिए एआई: इस समिट का फोकस एआई की परिवर्तनकारी क्षमता पर विचार करने के साथ-साथ, ‘मानवता के लिए एआई’ के वैश्विक सिद्धांत को आगे बढ़ाना था। इस समिट का फोकस एआई की परिवर्तनकारी क्षमता पर विचार करने के साथ-साथ, ‘मानवता के लिए एआई’ के वैश्विक सिद्धांत को आगे बढ़ाना था। प्रशासन और सुरक्षा: यह शिखर सम्मेलन एआई के प्रशासन, सुरक्षा मानकों और समाज पर इसके प्रभाव को लेकर वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की एक विकसित होती अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया का हिस्सा है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कुल 88 हस्ताक्षरकर्ताओं में से 86 देशों और दो अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ (सभी का कल्याण, सभी की खुशी) के सिद्धांत को औपचारिक रूप से स्वीकार किया है। इस विजन का मुख्य लक्ष्य एआई संसाधनों का इस तरह से लोकतंत्रीकरण करना है कि इस उन्नत तकनीक और इसके आर्थिक फायदों की पहुंच दुनिया भर में समाज के हर वर्ग तक सुनिश्चित हो सके।यह शिखर सम्मेलन 16 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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