और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के साथ समझौता की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन वार्ता वर्षों से ठप हैं। वहीं, ईरान ने अमेरिका और इस्राइली मांगों पर चर्चा करने से इनकार किया है। अमेरिका और इस्राइल की मांग है कि ईरान अपने मिसाइल कार्यक्रम में कटौती करे और सशस्त्र समूहों से अपने संबंध तोड़ने होंगे। हाल के हफ्तों में हुई अप्रत्यक्ष वार्ता में कोई खास प्रगति नहीं हुई। इसकी भी आशंका है कि इस समय का इस्तेमाल दोनों पक्ष युद्ध की अंतिम तैयारी के लिए कर रहे हैं। 12 दिन के संघर्ष और विरोध प्रदर्शन के बाद ईरान सरकार की स्थिति कमजोर पिछले साल इस्राइल और अमेरिका के साथ 12 दिनों तक संघर्ष और जनवरी में बड़े प्रदर्शनकारियों को हिंसक रूप से दबाने के बाद ईरान सरकार पहले से अधिक कमजोर हो गई है। फिर भी यह इस्राइल और अमेरिका के ठिकानों पर हमला करने में सक्षम है और उसने चेतावनी दी है कि कोई भी हमला क्षेत्रीय युद्ध को जन्म देगा। हॉर्मुज की खाड़ी से गुजरता है दुनिया के तेल का एक-पांचवां हिस्सा ईरान ने इस हफ्ते हॉर्मुज की खाड़ी में लाइव-फायर युद्धाभ्यास किया। यह फारस की खाड़ी का संकीर्ण मार्ग है, जिससे विश्व के व्यापारिक तेल का एक-पांचवां हिस्सा गुजरता है। ईरान के अंदर भी तनाव बढ़ रहा है। ईरान में जिन प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा बलों ने मारा था, उनकी मौत के 40 दिन पूरे होने पर शोक सभाएं आयोजित की जा रही हैं। कुछ सभाओं में सरकार के खिलाफ नारे भी लगे। हालांकि अधिकारियों ने चेतावनी भी दी है। ये भी पढ़ें: भूमध्य सागर के मुहाने पर अमेरिकी युद्धपोत अमेरिका ने और भी युद्धपोत और विमान तैनात किए हैं और यूएस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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