दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक की बढ़ती पहुंच और लागत को लेकर चर्चा तेज है। ऐसे में ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने इससे संबंधित कुछ अहम सवालों के जवाब दिए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई मॉडल सस्ते और अधिक किफायती होंगे, जिससे विशेष रूप से ग्लोबल साउथ और भारत में यह तकनीक आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने बताया कि पिछले 14 महीनों में एआई से मुश्किल सवालों के जवाब पाने की लागत 1,000 गुना घट गई और भविष्य में कीमतें और भी कम होंगी।न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि एआई को सस्ता बनाने की दिशा में क्या प्रगति हो रही है और किन कारणों से यह भारत के लिए अधिक किफायती बन सकता है? तब उन्होंने कहा कि हमारे मॉडल से मुश्किल सवालों के जवाब पाने की लागत पिछले 14 महीनों में 1,000 गुना घट गई है। उन्होंने इसे अविश्वसनीय बताया और कहा कि अगले 14 महीनों में शायद इतनी तेजी से कमी नहीं आएगी, लेकिन लागत निश्चित रूप से बेहद कम होगी।हालांकि, ऑल्टमैन ने यह भी कहा कि अगले 14 महीनों में इतनी बड़ी उपलब्धि को हासिल या लागत में इतनी बड़ी कटौती को दोहराना संभव नहीं हो सकता। फिर भी AI मॉडलों की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट जारी रहने की उम्मीद है। अगर लागत तेजी से घटती है, तो इसका सबसे अधिक लाभ विकासशील देशों और उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों को मिलेगा। इसके साथ ही जब उनसे पूछा गया कि क्या निकट भविष्य में एआई विकासशील देशों के लिए किफायती हो पाएगा, तो उन्होंने कहा कि वे इसे लेकर आशावादी हैं। उन्हें भरोसा है कि लागत लोगों की अपेक्षा से भी अधिक तेजी से नीचे लाई जा सकती हैं।इसके अलावा इंटरव्यू के दौरान ऑल्टमैन ने कहा कि एआई की ताकत किसी ए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
कितना बदला AI?: सैम ऑल्टमैन ने कहा- 14 महीनों में 1000 गुना किफायती हुआ एआई, लेकिन आगे यह रफ्तार मुमकिन नहीं
दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक की बढ़ती पहुंच और लागत को लेकर चर्चा तेज है। ऐसे में ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने इससे संबंधित कुछ अहम सवालों के जवाब दिए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई मॉडल सस्ते और अधिक किफायती होंगे, जिससे विशेष रूप से ग्लोबल साउथ और भारत में यह तकनीक आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने बताया कि पिछले 14 महीनों में एआई से मुश्किल सवालों के जवाब पाने की लागत 1,000 गुना घट गई और भविष्य में कीमतें और भी कम होंगी।न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में ज