संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने एआई के भविष्य को लेकर भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “भारत बुद्ध की धरती है। भगवान बुद्ध ने सिखाया था कि सही काम हमेशा सही समझ से आता है।” उन्होंने जोर दिया कि एआई के लिए एक ऐसा रास्ता (रोडमैप) बनाना जरूरी है, जो सही इरादे और सही समय पर लिए गए फैसलों पर आधारित हो। तभी एआई का असली और सकारात्मक असर दिखेगा।पीएम मोदी ने एक ऐसे एआई इकोसिस्टम की वकालत की, जो संवेदनशील हो और जिसमें इंसान केंद्र में हो। उन्होंने भरोसा जताया कि यह समिट एक नैतिक और जिम्मेदार डिजिटल भविष्य बनाने में मदद करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि इंसानों ने हर चुनौती को एक नए मौके में बदला है। आज एआई के रूप में हमारे पास फिर से ऐसा ही मौका है।सहयोग की अहमियत बताते हुए पीएम मोदी ने कोरोना महामारी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उस संकट के दौरान दुनिया ने देखा कि मिलकर काम करने से नामुमकिन भी मुमकिन हो जाता है। वैक्सीन बनाने से लेकर सप्लाई चेन चलाने और लोगों की जान बचाने तक, सब कुछ आपसी सहयोग से ही सफल हुआ। एआई के क्षेत्र में भी दुनिया को इसी तरह साथ आने की जरूरत है।इस समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और दुनिया के बड़े उद्योगपतियों ने भी हिस्सा लिया। यह पहली बार है जब ‘ग्लोबल साउथ’ के किसी देश में इतना बड़ा एआई समिट हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत का विजन ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ है। एआई का इस्तेमाल भी इसी सिद्धांत पर होना चाहिए ताकि पूरी मानवता का भला हो सके। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
AI Summit 2026: एआई समिट में पीएम मोदी ने दिया भगवान बुद्ध का यह संदेश, कहा- सही समझ से होता है सही काम
संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने एआई के भविष्य को लेकर भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "भारत बुद्ध की धरती है। भगवान बुद्ध ने सिखाया था कि सही काम हमेशा सही समझ से आता है।" उन्होंने जोर दिया कि एआई के लिए एक ऐसा रास्ता (रोडमैप) बनाना जरूरी है, जो सही इरादे और सही समय पर लिए गए फैसलों पर आधारित हो। तभी एआई का असली और सकारात्मक असर दिखेगा।पीएम मोदी ने एक ऐसे एआई इकोसिस्टम की वकालत की, जो संवेदनशील हो और जिसमें इंसान केंद्र में हो। उन्होंने भरोसा जताया कि यह समिट एक नैतिक और जिम