और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं एआई से युद्धक तैयारियों में क्या बदलेगा यहां डीजी ईएमई लेफ्टिनेंट जनरल राजीव कुमार साहनी ने कहा कि उद्योग जगत के पास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर ऑपरेशनल सटीकता प्रभावी बनाने का बड़ा अवसर है। बड़ी मात्रा में सेंसर से मिलने वाले डेटा को कार्रवाई योग्य जानकारी में बदला जा सकता है। उभरते खतरों का पहले से अनुमान लगाया जा सकता है और पुराने हथियार सिस्टम को आधुनिक, डेटा-सक्षम और स्मार्ट प्लेटफॉर्म में अपग्रेड किया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्नत एनालिटिक्स के जरिए इंजीनियरिंग सपोर्ट को तेज करना जरूरी है, ताकि ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स अधिक मजबूत और सक्रिय बन सके। साथ ही उन्होंने भविष्य के युद्ध में निर्णायक बढ़त हासिल करने के लिए मानव रहित हवाई प्रणालियों, काउंटर-यूएएस सिस्टम और रोबोटिक प्लेटफॉर्म्स में एआई के एकीकरण पर भी विस्तार से चर्चा की। सेना मौजूदा हथियार सिस्टम और प्लेटफॉर्म्स को भी स्मार्ट बना रही है। उनमें सेंसर लगाए जा रहे हैं। इससे बिना ज्यादा खर्च किए मौजूदा संसाधनों की ताकत कई गुना बढ़ाई जा सकेगी। सेमिनार में यह भी चर्चा हुई कि ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और रोबोटिक प्लेटफॉर्म्स में एआई का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे स्पष्ट है कि भविष्य के युद्धों में इंसान से ज्यादा मशीनों की भूमिका होगी और जो सेना टेक्नोलॉजी में आगे होगी, वही बढ़त बनाएगी। लॉजिस्टिक्स यानी सप्लाई सिस्टम को भी पूरी तरह एआई से जोड़ने की तैयारी है। कौन सा स्पेयर पार्ट कब खत्म होगा, किस फॉर्मेशन में कितनी जरूरत पड़ेगी, किस सिस्टम को कब सर्विस की जरूरत है, यह सब पहले से अनुमान लगाकर संसाधन भेजे जाएंगे। इससे डाउनट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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