भारत और फ्रांस ने मंगलवार को अपने रिश्तों को एक नई और ऐतिहासिक ऊंचाई दी है। दोनों देशों ने अपनी दोस्ती को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ में बदल दिया है। मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई बैठक में रक्षा, तकनीक, स्टार्टअप, जरूरी खनिज, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में कई बड़े ऐलान हुए। यह साझेदारी दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे और मजबूत होते रिश्तों को दिखाती है। राष्ट्रपति मैक्रों के दौरे के दौरान रक्षा क्षेत्र में कई अहम फैसले हुए। कर्नाटक के वेमागल में ‘एच125 हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन’ का उद्घाटन हुआ। यह भारत में निजी क्षेत्र की पहली हेलीकॉप्टर फैक्ट्री होगी, जिसे टाटा और एयरबस मिलकर चलाएंगे। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर ऐसा हेलीकॉप्टर बनाएंगे जो माउंट एवरेस्ट तक उड़ान भर सकेगा। भारत इन हेलीकॉप्टरों को दूसरे देशों को निर्यात भी करेगा। इसके अलावा, भारत में ‘हैमर मिसाइल’ बनाने के लिए बीईएल (बीईएल) और फ्रांस की कंपनी सफरान के बीच समझौता हुआ। दोनों देशों की सेनाओं के बीच अधिकारियों की आपसी तैनाती और उन्नत तकनीक के विकास के लिए एक साझा ग्रुप बनाने पर भी सहमति बनी।दोनों देशों ने तय किया है कि अब हर साल विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत होगी। इससे ‘होराइजन 2047’ रोडमैप को लागू करने की प्रगति पर नजर रखी जा सकेगी। आर्थिक मोर्चे पर, भारत और फ्रांस ने ‘डबल टैक्स अवॉइडेंस एग्रीमेंट’ (डीटीएए) के नियमों में बदलाव करने का फैसला किया है। इससे दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार करना पहले से आसान हो जाएगा। साथ ही, जरूरी खनिजों और धातुओं की सप्लाई चेन में सहयोग के लिए भी एक साझा घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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