अधिकारियों ने बताया कि पुडुचेरी में विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को, जबकि असम, केरल, तमिलनाडु व पश्चिम बंगाल में क्रमश: मई 20, 23, 10 और 7 को पूरे हो रहे हैं। इन राज्यों में चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए आयोग के अधिकारियों ने दौरे शुरू कर दिए हैं।2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल में सियासी मुकाबला स्पष्ट होता जा रहा है। पश्चिम बंगाल में मुख्य टक्कर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में है। वहीं भाजपा राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। कांग्रेस और वाम दल भी चुनाव लड़ने की तैयारी में है, लेकिन सीधी लड़ाई टीएमसी और भाजपा के बीच ही मानी जा रही है।असम में मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा और कांग्रेस के बीच है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में भाजपा दोबारा बहुमत हासिल करने के लक्ष्य के साथ मैदान में है, जबकि कांग्रेस सत्ता विरोधी माहौल का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। राज्य में अन्य क्षेत्रीय दल भी सक्रिय हैं, लेकिन चुनाव का केंद्र भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी प्रतिस्पर्धा पर ही टिका है।तमिलनाडु में राजनीतिक लड़ाई द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के नेतृत्व वाले गठबंधन और भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के बीच है। इंडिया गुट में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार सत्ता में वापसी की कोशिश में है। वहीं, एआईएडीएमके और भाजपा समेत उसके तमाम सहयोगी दल कड़ी चुनौती देने की हुंकार भर रहे हैं। भाजपा भी गठबंधन राजनीति के जरिए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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