गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में प्रदर्शित एक रोबोट को लेकर उठे विवाद पर सफाई देते हुए माफी मांगी है। इस विवाद को लेकर यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया है कि पवेलियन पर मौजूद हमारी एक प्रतिनिधि को उत्पाद की तकनीकी उत्पत्ति के बारे में जानकारी नहीं थी। गलगोटिया यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हम एआई समिट में पैदा हुई भ्रम की स्थिति के लिए हृदय से क्षमा चाहते हैं। हमारे पवेलियन पर मौजूद हमारी एक प्रतिनिधि को उत्पाद की तकनीकी उत्पत्ति की जानकारी नहीं थी। कैमरे पर आने के उत्साह में उन्होंने तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारी दे दी, जबकि उन्हें प्रेस से बात करने की अनुमति भी नहीं थी। आयोजकों की भावना को समझते हुए हमने परिसर छोड़ दिया है।यह विवाद तब शुरू हुआ, जब यूनिवर्सिटी की एक प्रोफेसर नेहा सिंह ने मंगलवार को मीडिया को ‘ओरियन’ नाम का एक रोबोटिक डॉग दिखाते हुए कहा था कि इसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा विकसित किया गया है। वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद लोगों ने इस रोबोट के वास्तव में एक ‘यूनिट्री गो2’ होने की बात कही, जिसे चीन की यूनिट्री रोबोटिक्स द्वारा निर्मित किया गया है। बताया जाता है कि इस विवाद के बाद सरकार ने यूनिवर्सिटी से एआई समिट में अपनी जगह खाली करने को भी कह दिया।इस मामले पर कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि एआई को लेकर देश की किरकरी हुई है। एआई समिट में चीन के रोबोट को अपना बताया गया है। वहीं, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लिखा कि देश की प्रतिभा और डेटा को बढ़ावा देने के बजाय यह एक अव्यवस्थित पीआर कवायद रह गई है।वहीं, सूचना प्रौद्योगिकी सचिव कृष्णन ने इस बात पर जो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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