कॉरपोरेट गवर्नेंस और नीतिगत पारदर्शिता के मुद्दे पर एक बार फिर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अमेरिकी फाइनेंसर तथा यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के बीच कथित संबंधों को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को गंभीर आरोप लगाए। विपक्षी दल ने दावा किया है कि 2014 से 2017 के बीच दोनों के बीच 62 ईमेल का आदान-प्रदान हुआ और 14 मुलाकातें हुईं। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें एक मौजूदा केंद्रीय मंत्री की जवाबदेही और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दागी व्यक्ति के साथ उनके संबंधों की प्रकृति पर सवाल उठाए गए हैं।कांग्रेस के मीडिया व प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन आंकड़ों को सार्वजनिक किया। खेड़ा के अनुसार, “हरदीप पुरी ने 32 ईमेल लिखे जबकि एपस्टीन ने उन्हें 30 ईमेल भेजे। इसके अलावा, जून 2014 में एनडीए सरकार के सत्ता में आने के तुरंत बाद मुलाकातों का दौर शुरू हुआ, जो 2017 तक चला।खेड़ा ने विशिष्ट तारीखों का हवाला देते हुए पूछा कि जून 5, 6, 8 और 9, 2014 को हुई बैठकों में क्या चर्चा हुई थी? कांग्रेस नेता की ओर से सबसे अहम सवाल यह उठाया गया कि जब हरदीप पुरी एक सामान्य नागरिक की हैसियत से मिल रहे थे, तो वे एपस्टीन के साथ सरकारी नीतियों को क्यों साझा कर रहे थे?। कांग्रेस ने इस आधार पर मंत्री के तत्काल इस्तीफे और स्पष्टीकरण की मांग की है।हरदीप पुरी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने साफ किया कि वे एपस्टीन से कुछ मौकों पर मिले थे, लेकिन उनकी बातचीत का उन अपराधों से कोई लेना-देना नहीं था जिनके लिए एपस्टीन को दोषी ठहराया गया था। पुरी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर उनके खिलाफ गलत इशारे करने का आरोप लगाया है। हालांकि, कांग् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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