वहीं, जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में हिमस्खलन हुआ है, जिसके चलते भद्रवाह-पठानकोट अंतरराज्यीय मार्ग पर यातायात ठप हो गया है और दर्जनों वाहन फंस गए। भद्रवाह के पुलिस अधीक्षक विनोद शर्मा ने बताया कि हिमस्खलन भद्रवाह कस्बे से लगभग 18 किलोमीटर दूर थंथेरा और गुलदांडा के बीच शाम करीब 5 बजे हुआ। इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। गुलदांडा एक प्रसिद्ध शीतकालीन पर्यटन स्थल है और हिमस्खलन के समय पर्यटकों को ले जा रहे 250 से अधिक वाहन इस क्षेत्र से गुजर रहे थे, जो हिमस्खलन के कारण फंस गए हैं। सड़क साफ करने के लिए कर्मचारियों और मशीनों को लगाया गया है।इस बीच, कश्मीर घाटी में रविवार को दिन में तेज धूप रही। इससे दिन का पारा सामान्य से आठ डिग्री तक अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान माइनस में चल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा अपडेट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में 16 फरवरी से हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी शुरू होने का अनुमान है। यह प्रभाव 17-18 फरवरी तक और बढ़ सकता है। 17-19 फरवरी के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में और 17 और 18 फरवरी को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कहीं-कहीं बारिश और बर्फबारी की संभावना है।आईएमडी के अनुसार, 17 फरवरी से उत्तराखंड के 5 जिलों रूद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट है। वहीं यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ समेत कई अन्य स्थानों पर बर्फबारी जारी रहने से न्यूनतम तापमान माइनस 12 से माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक बना हुआ है, जिससे मैदानी इलाकों तक सर्दी का एहसास बना रहेगा। हिमाचल प्रदेश में सोमवार से बारिश …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Weather: फिर से बदलेगा मौसम, पश्चिमी विक्षोभ से बारिश और बर्फबारी होने के आसार; मैदानी इलाकों में चढ़ा पारा
वहीं, जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में हिमस्खलन हुआ है, जिसके चलते भद्रवाह-पठानकोट अंतरराज्यीय मार्ग पर यातायात ठप हो गया है और दर्जनों वाहन फंस गए। भद्रवाह के पुलिस अधीक्षक विनोद शर्मा ने बताया कि हिमस्खलन भद्रवाह कस्बे से लगभग 18 किलोमीटर दूर थंथेरा और गुलदांडा के बीच शाम करीब 5 बजे हुआ। इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। गुलदांडा एक प्रसिद्ध शीतकालीन पर्यटन स्थल है और हिमस्खलन के समय पर्यटकों को ले जा रहे 250 से अधिक वाहन इस क्षेत्र से गुजर रहे थे, जो हिमस्खलन के कारण फंस गए हैं। सड़क साफ करने के लिए कर्