भारत ने कैसे हासिल की सड़क पर सैन्य विमान उतारने की खूबी?: पाकिस्तान-चीन के लिए सिरदर्द, जानें क्यों-कितने अहम और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर भारत में हाईवे पर रनवे को बनाने की यह तकनीक क्या है और यह क्यों अहम है? भारत अब तक अपने कितने हाईवे को रनवे के तौर पर तैयार कर चुका है? देश के लिए इसका रणनीतिक महत्व क्या है? आइये जानते हैं… असम के डिब्रूगढ़ में शनिवार (15 फरवरी) को मोरान बायपास पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) के सफल परीक्षण के साथ भारत ने अपने सीमाई इलाकों पर बड़ी रणनीतिक बढ़त हासिल कर ली है। दरअसल, इस हाईवे पर भारतीय वायुसेना का सी-130जे सुपर हरक्यूलीज एयरक्राफ्ट उतरा है, जो कि अपने वर्ग में सबसे बड़े सैन्य विमानों में से एक है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सवार थे। रक्षा विशेषज्ञों की मानें तो भारत की ओर से जिस तरह से अब पूर्वोत्तर में भी एक हाईवे को विमानों के रनवे के तौर पर इस्तेमाल किया है, यह चीन के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकता है। क्या है भारत की हाईवे को रनवे के तौर पर इस्तेमाल करने की तकनीक? भारत में हाईवे को रनवे के तौर पर इस्तेमाल करने की तकनीक को इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) कहा जाता है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग प्रणाली के भीतर ही निर्मित एक वैकल्पिक रनवे होता है, जिसे विशेष रूप से सैन्य और …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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