नई दिल्ली में चल रहे बहुचर्चित जांच मामलों के बीच कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों और छापों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन पर सबसे ज्यादा छापे डाले गए, लेकिन जांच एजेंसियों को अब तक कुछ भी ठोस नहीं मिला। उन्होंने अपने खिलाफ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग और वीजा से जुड़े मामलों को बेबुनियाद और अतिरंजित बताया। एक इंटरव्यू में कार्ति चिदंबरम ने कहा कि उनके खिलाफ चीनी वीजा और INX मीडिया मामले जैसे केस बनाए गए, लेकिन इनमें तथ्य कमजोर हैं। उन्होंने कहा कि चीनी वीजा केस में जिस व्यक्ति का नाम लिया जा रहा है, वह अब जीवित नहीं है और उससे कभी पूछताछ भी नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि केस में किसी सरकारी अधिकारी का नाम तक साफ तौर पर नहीं जोड़ा गया, जबकि वीजा जारी करने का अधिकार सरकार के पास होता है।कार्ति चिदंबरम ने बताया कि उन्होंने सीबीआई केस में आरोप तय किए जाने को अदालत में चुनौती दी है। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार निवारण कानून की जिन धाराओं के तहत केस बनाया गया, उनके जरूरी तत्व ही मौजूद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड में कहीं भी अवैध लाभ मांगने या लेने का प्रमाण नहीं है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनके विदेशी बैंक खाते और विदेश में संपत्तियां हैं, लेकिन कहा कि यह सब घोषित है और आरोप पत्र पढ़ने पर केस की कमजोरी साफ दिखती है।कांग्रेस सांसद ने कहा कि अगर किसी को वीजा मिला तो वह सरकारी प्रक्रिया से मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उनकी सिफारिश मानना गलत था, तो फैसला लेने वाले अधिकारी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि केस में कई दूसरे लोगों से पूछताछ तक नहीं की गई। उनके मुताबिक, बिना पूरे तथ्यों के सिर्फ उनका नाम उछाला ग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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