पुलवामा जिले के लेथपोरा में 14 फरवरी 2019 को हुए घातक आत्मघाती हमले में बलिदान हुए सीआरपीएफ के 40 जवानों की याद में मनाई जाने वाली बरसी से पूर्व घाटी में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। श्रीनगर शहर सहित अन्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। चप्पे-चप्पे पर पहरा है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सक्षम हैं। शुक्रवार को श्रीनगर का दिल कहलाए जाने वाले लाल चौक में सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त कोर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (कासो) चलाया। इस बीच संवेदनशील इलाकों में भी नाके स्थापित किए गए हैं। विगत बुधवार को भी जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर जोन के आईजी वीके बिरदी ने सुरक्षा समीक्षा बैठक की थी। पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवानों ने शुक्रवार को लाल चौक पर कासो चलाया।अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान व्यस्त व्यवसाय केंद्र और उसके आस-पास के कई होटलों और लॉज की चेकिंग की गई। सुरक्षा कर्मियों ने होटल मालिकों से वहां रहने वाले और काम करने वालों का ब्योरा एकत्रित किया और उनका वेरिफिकेशन भी किया। यह ऑपरेशन सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर चलाया गया। लाल चौक एक हाई-प्रोफाइल और महत्वपूर्ण जगह होने के कारण खास मौकों के दौरान कड़ी निगरानी में रहता है।सुरक्षाबलों ने इलाके में अपनी मौजूदगी बनाए रखी। व्यवस्थित तरीके से चेकिंग की गई। थोड़ी देर के लिए ट्रैफिक मूवमेंट को रेगुलेट किया गया। हालांकि उसके तुरंत बाद सामान्य एक्टिविटी फिर से शुरू हो गई। सूत्रों ने बताया कि ऑपरेशन का मकसद किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को रोकना और यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि नजर में न आए। ऐसे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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