राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी 4.2 किलोमीटर लंबी यह हवाई पट्टी पूर्वोत्तर की पहली ऐसी सुविधा है, जहां से आपात स्थितियों में वायुसेना के लड़ाकू व परिवहन विमानों का संचालन किया जा सकेगा। मोरान बाईपास पर तैयार की गई यह सुविधा दूरदराज के क्षेत्रों में मानवीय सहायता व आपदा राहत अभियानों के दौरान भी अहम साबित होगी। यह पट्टी राफेल और सुखोई जैसे 40 टन वजनी लड़ाकू विमानों और 74 टन तक भारी मालवाहक विमानों का वजन सह सकती है। मोरान बाईपास पर स्थिति यह हवाई पट्टी रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह चीन सीमा के बहुत करीब हैं। यहां चाबुआ और तेजपुर जैसे मुख्य एयरबेस है, जहां तकनीकी समस्या होने पर इन पट्टियों से भी दुश्मन को जवाब दिया जा सकता है।प्रधानमंत्री के आगमन के बाद वायुसेना की आरे से राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और तेजस जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों के साथ-साथ परिवहन विमानों और हेलिकॉप्टरों का भव्य एयर शो आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री के दौरे और विमानों की लैंडिंग को देखते हुए पूरे मोरन बाईपास क्षेत्र को नो फ्लाई जोन घोषित किया गया है।पीएम मोदी दोपहर 1:30 बजे गुवाहाटी के लचित घाट पर 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इसका उद्देश्य कनेक्टिविटी को गति देना, डिजिटल अवसंरचना मजबूत करना, उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना और सार्वजनिक परिवहन में सुधार करना है। प्रधानमंत्री ब्रह्मपुत्र नदी पर लगभग 3,030 करोड़ से निर्मित कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे। इस 6 लेन के सेतु से गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच यात्रा समय घटकर मात्र 7 मिनट रह जाएगा। इसके बाद पीएम कामरूप जिले के अमिंगांव में पूर्वोत्तर क्षेत्र के अत्याधुनिक राष्ट्रीय डाटा केंद्र का उद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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