Amar Ujala Batras: क्यों मशीन जैसी होती जा रही जीवनशैली, बच्चों को लेकर क्यों कम हो रही परिवारों की संजीदगी? और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं इस पूरे पॉडकास्ट को आप शनिवार रात आठ बजे अमर उजाला के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स पर सुन सकते हैं। अमर उजाला बतरस एक और हफ्ते आम लोगों की जिंदगी से जुड़े अहम मुद्दे के साथ हाजिर है। इस हफ्ते पॉडकास्ट में चर्चा हुई लोगों की बदलती और लगातार तेज होती जीवनशैली पर। दरअसल, बदलते और आधुनिक होते जमाने के साथ लोगों के लिए अब भागते रहना ही जीवन का नया तौर तरीका हो गया है। स्थिति यह है कि इस लाइफस्टाइल में रुकना मना हो गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि मशीन जैसी इस लाइफस्टाइल को लेकर मानसिकता अब दफ्तर से लेकर घर तक एक जैसी ही है और इसका असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है। एंकर नंदिता कुदेशिया ने इस हफ्ते बतरस में इन्हीं चुनौतियों को लेकर दो विशेषज्ञों से बात की और जाना कि आखिर इन मुद्दों का क्या हल है। नंदिता कुदेशिया ने अमर उजाला के स्टूडियो में जिन दो विशेषज्ञों से चर्चा की, उनमें स्पिरिचुअल थिंकर अतुल रामेश्वर दयाल और मनोवैज्ञानिक प्रियंवदा शामिल रहीं। दोनों ही विशेषज्ञों ने कई अहम सवालों के जवाब दिए। मसलन- क्यों अब लोगों को जीवन में रुकने और ठहराव लाने से डर लगने लगा है और क्यों भागना ही अब जीवन हो गया है? क्या वजह ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Amar Ujala Batras: क्यों मशीन जैसी होती जा रही जीवनशैली, बच्चों को लेकर क्यों कम हो रही परिवारों की संजीदगी?
Amar Ujala Batras: क्यों मशीन जैसी होती जा रही जीवनशैली, बच्चों को लेकर क्यों कम हो रही परिवारों की संजीदगी? और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं इस पूरे पॉडकास्ट को आप शनिवार रात आठ बजे अमर उजाला के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स पर सुन सकते हैं। अमर उजाला बतरस एक और हफ्ते आम लोगों की जिंदगी से जुड़े अहम मुद्दे के साथ हाजिर है। इस हफ्ते पॉडकास्ट में चर्चा हुई लोगों की बदलती और लगातार तेज होती जीवनशैली पर। दरअसल, बदलते और आधुनिक होते जमाने के साथ लोगों के लिए अब भागते रहना ही जीवन का नया तौर तरीका हो गया है। स्थि