प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ‘सेवा तीर्थ’ नाम से बने नए प्रधानमंत्री कार्यालय भवन के साथ कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 का उद्घाटन करेंगे। यह तारीख ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन 1931 में नई दिल्ली को औपचारिक रूप से आधुनिक भारत की राजधानी के रूप में उद्घाटित किया गया था। आज ही बनी थी दिल्ली आधुनिक भारत की राजधानी उद्घाटन कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री दोपहर करीब डेढ़ बजे ‘सेवा तीर्थ’ नामकरण का अनावरण करेंगे, इसके बाद नए परिसर और कर्तव्य भवनों का औपचारिक उद्घाटन करेंगे तथा शाम लगभग 6 बजे यहां एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। करीब 95 वर्षों में देश ने आजादी, गणतंत्र बनने और वैश्विक मंच पर अपनी स्वतंत्र पहचान स्थापित करने जैसे अनेक ऐतिहासिक पड़ाव तय किए हैं। इन सभी बदलावों का साक्षी रहा राजधानी का प्रतिष्ठित रायसीना हिल परिसर, जो एक बार फिर एक बड़े प्रशासनिक परिवर्तन का गवाह बनने जा रहा है। प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय को एक ही स्थान पर समेकित किया गया है। पहले ये संस्थान सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में अलग-अलग भवनों में स्थित थे। वहीं, नए कर्तव्य भवन 1 और 2 में कानून, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि सहित कई प्रमुख मंत्रालयों के दफ्तर स्थापित किए जाएंगे। स्थापित किए जाएंगे। सरकार के अनुसार, यह कदम प्रशासनिक समन्वय, दक्षता और नागरिक-केंद्रित शासन प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पीएमओ के बयान के मुताबिक, यह उद्घाटन भारत की प्रशासनिक संरचना में एक परिवर्तन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Seva Teerth: अब ‘सेवा तीर्थ’ से चलेगा शासन, जानिए क्या है नए प्रधानमंत्री कार्यालय की खास बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ‘सेवा तीर्थ’ नाम से बने नए प्रधानमंत्री कार्यालय भवन के साथ कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 का उद्घाटन करेंगे। यह तारीख ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन 1931 में नई दिल्ली को औपचारिक रूप से आधुनिक भारत की राजधानी के रूप में उद्घाटित किया गया था। आज ही बनी थी दिल्ली आधुनिक भारत की राजधानी उद्घाटन कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री दोपहर करीब डेढ़ बजे ‘सेवा तीर्थ’ नामकरण का अनावरण करेंगे, इसके बाद नए परिसर और कर्तव्य भवनों का औपचारिक उद्घाटन करेंगे तथा