और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं रणनीतिक स्वायत्तता पर जोर जनरल चौहान ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में किसी भी देश के साथ संबंध स्थायी नहीं होते। परिस्थितियों और राष्ट्रीय हितों के अनुसार नीतियां बदलती रहती हैं। ऐसे में भारत को अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखते हुए निर्णय लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा और विदेश नीति का आधार राष्ट्रीय हित सर्वोपरि होना चाहिए। किसी भी गठबंधन या साझेदारी को इसी दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। भारत के मौजूदा सर्वोच्च सैन्य अधिकारी जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में स्थायी दोस्त या स्थायी दुश्मन जैसी धारणाएं भरोसेमंद नहीं होतीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को हर परिस्थिति में स्वतंत्र रूप से कार्य करने के लिए तैयार रहना चाहिए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
General Anil Chauhan: 'भारत स्वतंत्र रूप से काम के लिए तैयार रहे; स्थायी दोस्त या दुश्मन जैसी बात सिर्फ भ्रम'
और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं रणनीतिक स्वायत्तता पर जोर जनरल चौहान ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में किसी भी देश के साथ संबंध स्थायी नहीं होते। परिस्थितियों और राष्ट्रीय हितों के अनुसार नीतियां बदलती रहती हैं। ऐसे में भारत को अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखते हुए निर्णय लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा और विदेश नीति का आधार राष्ट्रीय हित सर्वोपरि होना चाहिए। किसी भी गठबंधन या साझेदारी को इसी दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। भारत के मौजूदा सर्वोच्च सैन्य अधिकारी जनर