हुमायूं कबीर ने घोषणा की कि यह मस्जिद अगले दो साल में बनकर तैयार हो जाएगी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 50 से 55 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह मस्जिद 11 एकड़ के बड़े प्लॉट पर बन रही है। इसमें एक साथ करीब 12,000 लोग नमाज पढ़ सकेंगे। निर्माण कार्य शुरू होने के समय वहां हजारों लोग और धार्मिक नेता मौजूद थे। कबीर ने कहा कि कई जगहों से विरोध होने के बावजूद मस्जिद का निर्माण जारी है। उनके समर्थकों ने निर्माण में हिस्सा लेने के लिए अपने सिर पर ईंटें भी उठाए।कबीर ने विरोध करने वालों को हट जाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपना धर्म मानने और मंदिर या चर्च बनाने के लिए आजाद है। उन्होंने साफ किया कि वह इस्लाम के नाम पर किसी का विरोध नहीं करेंगे। उनका मकसद अल्लाह को खुश करना है, किसी पर कुछ थोपना नहीं। उन्होंने दावा किया कि दुनिया की कोई भी ताकत इस मस्जिद को बनने से नहीं रोक सकती। कबीर ने पिछले साल छह दिसंबर को इस मस्जिद की नींव रखी थी। यह कदम, दिसंबर 1992 में एक राइट-विंग भीड़ द्वारा 16वीं सदी के ढांचे को गिराए जाने की बरसी के साथ हुआ, जिससे पूरे पश्चिम बंगाल में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं हुईं। खबर है कि उन्होंने शुरुआती दो दिनों में ही 2.85 करोड़ रुपये से ज्यादा का चंदा इकट्ठा कर लिया था।राजनीतिक मोर्चे पर कबीर ने बड़ा एलान किया है। उनकी पार्टी आने वाले विधानसभा चुनावों में 294 में से 135 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वह टीएमसी और बीजेपी दोनों का मुकाबला करने की तैयारी में हैं। उन्होंने सीपीएम और ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम से भी शुरुआती बातचीत की है। बीजेपी ने कबीर की पार्टी को टीएमसी की बी-टीम बताया है। बीजेपी नेता दिलीप घोष ने कहा कि यह सब मुस्लिम वोट बैं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
बंगाल में सियासी सरगर्मियां: बाबरी पर रार के बीच हुमायूं कबीर अड़े, सुर्खियों में मस्जिद निर्माण और पदयात्रा
हुमायूं कबीर ने घोषणा की कि यह मस्जिद अगले दो साल में बनकर तैयार हो जाएगी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 50 से 55 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह मस्जिद 11 एकड़ के बड़े प्लॉट पर बन रही है। इसमें एक साथ करीब 12,000 लोग नमाज पढ़ सकेंगे। निर्माण कार्य शुरू होने के समय वहां हजारों लोग और धार्मिक नेता मौजूद थे। कबीर ने कहा कि कई जगहों से विरोध होने के बावजूद मस्जिद का निर्माण जारी है। उनके समर्थकों ने निर्माण में हिस्सा लेने के लिए अपने सिर पर ईंटें भी उठाए।कबीर ने विरोध करने वालों को हट जाने की स