शिकायत के मुताबिक, बुधवार को नंजुंदा अपने भांजे मनोज के साथ होसाकोटे से फूल खरीदकर लौट रहे थे। मनोज गाड़ी चला रहे थे और नंजुंदा उनके बगल वाली सीट पर बैठे थे। इस दौरान ट्रिनिटी जंक्शन पार करने के बाद जब वे जनरल के.एस. थिमैया सर्कल की ओर मुड़ रहे थे, तब पीछे से एक कार लगातार हॉर्न बजा रही थी। नंजुंदा ने ड्राइवर को हॉर्न बजाने से मना किया और इशारा दिया कि वे दाईं ओर मुड़ रहे हैं। इस बात पर कार चालक ने कथित तौर पर अपनी गाड़ी उनके बगल में लाकर उन्हें अपशब्द बोल और आगे निकल गया।जब आरोपी की कार एचएएल एयरपोर्ट रोड के सिग्नल पर रुकी, तो नंजुंदा अपनी गाड़ी से नीचे उतरे। उन्होंने ड्राइवर के पास जाकर गाली देने का कारण पूछा। तभी ड्राइवर ने अचानक गाड़ी तेज चलाने की कोशिश की, जब नंजुंडा कार के सामने खड़े थे। अपनी जान बचाने के लिए नंजुंदा कार के बोनट पर कूद गए और विंडशील्ड वाइपर पकड़ लिए।नंजुंदा के चिल्लाने और रुकने की मिन्नतों के बाद भी आरोपी ने गाड़ी नहीं रोकी। वह नंजुंदा को बोनट पर लेटे हुए हालत में ही एएससी सेंटर कॉलेज की ओर ले गया। रास्ते में गवाहों ने ड्राइवर को रुकने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माना। आखिर में दूसरी गाड़ियों और एक कैब ने रास्ता ब्लॉक कर दिया, जिससे आरोपी को रुकना पड़ा। रुकने के बाद लोगों ने ड्राइवर को पकड़कर जमकर फटकार लगाई। मामले में आरोपी चालक की पहचान सुरेश के रूप में हुई है।मामले में हलासुरु पुलिस ने सुरेश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) (हत्या की कोशिश) और 352 (शांति भंग करने के लिए अपमान करना) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस मामले की आगे की जांच कर रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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