अमेरिका में एलजीबीटीक्यू+ इतिहास से जुड़े सबसे अहम राष्ट्रीय स्मारक स्टोनवॉल नेशनल मॉन्यूमेंट पर इंद्रधनुषी झंडा हटाए जाने के फैसले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के तहत नेशनल पार्क सर्विस ने स्मारक परिसर से इंद्रधनुषी झंडा उतार दिया है। इस कदम को लेकर अधिकार कार्यकर्ताओं ने कड़ी नाराजगी जताई है और इसे प्रतीकात्मक हमला बताया है। न्यूयॉर्क के मैनहैटन स्थित ग्रीनविच विलेज इलाके में बने इस स्मारक परिसर में लगे झंडे को हाल के दिनों में चुपचाप हटा दिया गया। यह स्थल उस स्टोनवॉल इन बार के सामने है, जहां पुलिस छापे के खिलाफ विरोध ने आधुनिक एलजीबीटीक्यू+ अधिकार आंदोलन को नई दिशा दी थी। इंद्रधनुषी झंडा एलजीबीटीक्यू+ अधिकारों का वैश्विक प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे हटाना केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि सामाजिक संदेश वाला कदम माना जा रहा है।नेशनल पार्क सर्विस ने कहा कि वह हालिया दिशा-निर्देशों के अनुसार काम कर रही है। नए निर्देश पुराने झंडा नियमों को स्पष्ट करते हैं और सभी पार्क स्थलों पर एक समान नीति लागू करते हैं। 21 जनवरी के एक मेमो के अनुसार अब एजेंसी मुख्य रूप से केवल अमेरिका का राष्ट्रीय झंडा, डिपार्टमेंट ऑफ इंटीरियर का झंडा और पीओडब्ल्यू/एमआईए झंडा ही फहराएगी। इसी नीति के तहत इंद्रधनुषी झंडा हटाया गया है।एलजीबीटीक्यू+ अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस फैसले को सख्त शब्दों में खारिज किया है। एक्टिविस्ट ऐन नॉर्थरोप ने कहा कि यह समुदाय के लिए अपमानजनक कदम है। उनका कहना है कि सरकार इस फैसले को नियमों के नाम पर सही ठहराने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह सीधे पहचान और सम्मान से जुड़ा मामला है। फैसले के विरोध में प्रदर्शन और रैली की भी तैयारी की ग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
US: स्टोनवॉल स्मारक से हटाया गया इंद्रधनुषी झंडा, ट्रंप प्रशासन के फैसले पर एलजीबीटीक्यू+ समुदाय नाराज
अमेरिका में एलजीबीटीक्यू+ इतिहास से जुड़े सबसे अहम राष्ट्रीय स्मारक स्टोनवॉल नेशनल मॉन्यूमेंट पर इंद्रधनुषी झंडा हटाए जाने के फैसले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के तहत नेशनल पार्क सर्विस ने स्मारक परिसर से इंद्रधनुषी झंडा उतार दिया है। इस कदम को लेकर अधिकार कार्यकर्ताओं ने कड़ी नाराजगी जताई है और इसे प्रतीकात्मक हमला बताया है। न्यूयॉर्क के मैनहैटन स्थित ग्रीनविच विलेज इलाके में बने इस स्मारक परिसर में लगे झंडे को हाल के दिनों में चुपचाप हटा दिया गया। यह स्थल