हुमायूं कबीर ने कहा कि जो लोग इस मस्जिद के निर्माण का विरोध कर रहे हैं, उन्हें पीछे हट जाना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि हर इंसान को अपना धर्म मानने और मंदिर, मस्जिद या चर्च बनाने की आजादी है। वह किसी का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि अल्लाह की इबादत के लिए यह काम कर रहे हैं। उन्होंने मस्जिद के निर्माण में साथ देने वाले लोगों का शुक्रिया अदा किया। कबीर ने कहा कि कुछ लोग काम रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अल्लाह की मदद से काम सुरक्षित तरीके से शुरू हुआ।छह दिसंबर 1992 की घटना को याद करते हुए कबीर ने बताया कि वह अक्सर सोचते थे कि बाबरी मस्जिद का ढांचा क्यों गिराया गया। एक मुसलमान होने के नाते वह इस मस्जिद को बनाकर अपना छोटा सा योगदान देना चाहते हैं। निर्माण वाली जगह पर उनके समर्थक काफी उत्साहित दिखे। लोग अपने सिर पर ईंटें ढोकर काम में मदद कर रहे हैं। कबीर ने सोमवार को सोशल मीडिया पर इस मस्जिद का डिजाइन भी साझा किया है।हुमायूं कबीर पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएणसी) में थे। जब उन्होंने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नकल बनाने का ऐलान किया, तो पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी ‘जनता उन्नयन पार्टी’ बनाई। कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भी खुलकर आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी फिर से मुख्यमंत्री नहीं बनेंगी और न ही शपथ लेंगी।इस मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि बाबरी ढांचा कभी दोबारा नहीं बनेगा। योगी ने यह भी कहा कि कयामत कभी नहीं आएगी, इसलिए मस्जिद दोबारा बनने का सवाल ही नहीं उठता। दूसरी तरफ, हुमायूं कबीर ने गुरुवार से बाबरी यात्रा शुरू करने की घ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
बंगाल में बाबरी मस्जिद पर रार: 'विरोध कर रहे लोग पीछे हट जाएं'; निर्माण शुरू होने पर बोले हुमायूं कबीर
हुमायूं कबीर ने कहा कि जो लोग इस मस्जिद के निर्माण का विरोध कर रहे हैं, उन्हें पीछे हट जाना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि हर इंसान को अपना धर्म मानने और मंदिर, मस्जिद या चर्च बनाने की आजादी है। वह किसी का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि अल्लाह की इबादत के लिए यह काम कर रहे हैं। उन्होंने मस्जिद के निर्माण में साथ देने वाले लोगों का शुक्रिया अदा किया। कबीर ने कहा कि कुछ लोग काम रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अल्लाह की मदद से काम सुरक्षित तरीके से शुरू हुआ।छह दिसंबर 1992 की घटना को याद करते हुए कबीर न