और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं भाजपा की महिला सांसदों ने की विपक्षी सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पत्र में भाजपा की महिला सांसदों ने लिखा, ‘4 फरवरी, 2026 को माननीय राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के चर्चा के दौरान आपने लोकसभा में गरिमा, मर्यादा और पवित्रता को जिस तरह से बनाए रखा, उसके लिए हम आपके प्रति कृतज्ञता जाहिर करते हैं और आपकी प्रशंसा करते हैं।’ ‘उस दिन पूरे देश ने सदन में सबसे दुर्भाग्यपूर्ण और खेदजनक घटनाओं में से एक को देखा, जब विपक्षी सांसद सदन के वेल में पहुंच गए, बल्कि उन्होंने स्पीकर की मेज पर चढ़कर कागज स्पीकर की ओर उछाले।’ ‘दुख की बात ये है कि विपक्षी माननीय महिला सदस्यों ने सदन के भीतर आक्रामक व्यवहार किया और उन्होंने न सिर्फ प्रधानमंत्री की सीट को घेरा बल्कि अपनी सीट छोड़कर सत्ता पक्ष की ओर चले गए….।’ ‘हम आपसे अपील करते हैं कि सदन के भीतर ऐसे जघन्य कृत्य करने वाले और हमारे लोकतांत्रिक संस्थानों को कलंकित करने वाले विपक्षी सांसदों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करें।’ क्या है पूरा मामला दरअसल 4 फरवरी को लोकसभा में प्रधानमंत्री का संबोधन होना था, लेकिन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पीएम की सुरक्षा का हवाला देकर प्रधानमंत्री का संबोधन टाल दिया। लोकसभा में पीएम मोदी शाम 5 बजे बोलने वाले थे। लेकिन बैठक शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया, करीब 8 से 10 महिला सांसद, जिनमें कांग्रेस की तीन महिला सांसद शामिल थीं, पीएम की सीट के पास पहुंच गईं। वे बैनर लेकर खड़ी हो गईं। इससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई। जिस पर स्पीकर ने सदन को स्थगित कर दिया। पीएम सदन में नहीं आए और भाषण रद्द हो गया। अगले …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Parliament: विपक्षी सांसदों के पत्र के जवाब में भाजपा की महिला सांसदों ने खोला मोर्चा, स्पीकर से की ये मांग
और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं भाजपा की महिला सांसदों ने की विपक्षी सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पत्र में भाजपा की महिला सांसदों ने लिखा, '4 फरवरी, 2026 को माननीय राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के चर्चा के दौरान आपने लोकसभा में गरिमा, मर्यादा और पवित्रता को जिस तरह से बनाए रखा, उसके लिए हम आपके प्रति कृतज्ञता जाहिर करते हैं और आपकी प्रशंसा करते हैं।' 'उस दिन पूरे देश ने सदन में सबसे दुर्भाग्यपूर्ण और खेदजनक घटनाओं में से एक को देखा, जब विपक्षी सांसद सदन के वेल में पहुंच गए, बल्कि