संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में लगातार हंगामा देखने को मिल रहा है। सुबह 11 बजे सदन शुरू होने के साथ ही हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जनरल नरवणे की किताब पर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने कहा कि बजट पर बोलना चाहते हैं तो बोल सकते हैं, लेकिन किसी और विषय पर बोलने के लिए कोई नोटिस नहीं मिला है। जिस पर फिर से हंगामा हुआ। इस पूरे घटनाक्रम पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया सामने आई है। राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, कहानी कुछ दिन पहले शुरू हुई जब नरवणे की किताब का मुद्दा आया और सरकार नहीं चाहती थी कि मैं इस पर बिल्कुल भी बात करूं, इसलिए उन्होंने सदन को रोक दिया। उन्होंने मुझे बोलने नहीं दिया। ऐसा तीन या चार बार हुआ। पहले उन्होंने कहा कि मैं किसी किताब का हवाला नहीं दे सकता। मैंने कहा कि मैं किताब का हवाला नहीं दे रहा हूं, मैं एक मैगजीन का हवाला दे रहा हूं। फिर उन्होंने कहा कि आप मैगजीन का हवाला नहीं दे सकते। फिर मैंने कहा कि मैं इस बारे में बात करूंगा। फिर वे नहीं चाहते थे कि मैं इस बारे में बात करूं। रक्षा मंत्री ने झूठ कहा कि किताब पब्लिश नहीं हुई है। असल में किताब पब्लिश हो चुकी है और हमारे पास उसकी एक कॉपी भी है।राहुल गांधी ने कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा है, राष्ट्रपति के भाषण में विपक्ष के नेता और पूरे विपक्ष को बोलने की इजाजत नहीं दी जा रही है। दूसरा मुद्दा यह है कि उनके एक सदस्य ने किताबें, कई किताबें कोट करते हुए बात की, बहुत घटिया बातें कहीं और कुछ नहीं कहा गया। हमें यह बात पसंद नहीं है कि वे जब चाहें, जो चाहें कह सकते हैं, और विपक्ष …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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