गौरतलब है कि निधन से पहले अजित ने एनसीपी विलय का रोडमैप करीब-करीब तैयार कर लिया था। इस रोडमैप के मुताबिक एनसीपी (शरद) के मुखिया को राज्यसभा का एक और कार्यकाल दिया जाना था, जबकि सुप्रिया सुले को मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना था। संयुक्त पार्टी की कमान दिवंगत अजित पवार को संभालनी थी, जबकि शरद पार्टी में मुख्य सलाहकार की भूमिका में आने वाले थे।विलय के संदर्भ में बिग फोर में शामिल एक वरिष्ठ नेता ने सवाल किया कि इसकी जरूरत क्या है? इससे एनसीपी को क्या मिलने वाला है? उनका कहना था कि अजित के रहते परिस्थिति दूसरी थी। उन्हें ही विलय के बाद संयुक्त पार्टी की कमान संभालनी थी। अब चूंकि अजित नहीं हैं, ऐसे में इस विलय का एनसीपी को कोई लाभ नहीं मिलेगा। सूत्रों का कहना है कि बिना देरी किए डिप्टी सीएम का पद संभालने के बाद सुनेत्रा की योजना अब जल्द ही एनसीपी के संगठन की कमान भी हासिल करने की है।पहले विलय हो जाने की स्थिति में भले ही सुप्रिया सुले केंद्रीय मंत्री बन जाती, मगर शरद के सलाहकार की भूमिका में आने से संगठन की कमान दिवंगत अजीत के पास होती। अब नई परिस्थिति में भले ही दिवंगत अजीत की पत्नी सुनेत्रा डिप्टी सीएम बन गई हैं, मगर संगठन का झुकाव शरद और सुप्रिया की ओर हो जाने का खतरा था। फिर अजीतेे के न रहने से विलय के बाद सबसे अधिक समस्या बिग फोर के लिए होती। इनके लिए नई परिस्थितियों से तालमेल बैठाना आसान नहीं होता।नई परिस्थिति में भाजपा विलय के मामले में इंतजार करना चाहती है। दरअसल केंद्र में नायडू-नीतीश ने अब तक मोदी सरकार के लिए कोई अड़चन पैदा नहीं की है। यह ठीक है कि विलय के बाद केंद्र में समर्थन के लिए भाजपा को अतिरिक्त 8 सांसद मिल जाएंगे, मगर आशंका इस बात की भी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
NCP Merger: शरद और सुप्रिया की आतुरता के बीच सुनेत्रा ने साधी चुप्पी, अधर में लटका एनसीपी विलय का मामला
गौरतलब है कि निधन से पहले अजित ने एनसीपी विलय का रोडमैप करीब-करीब तैयार कर लिया था। इस रोडमैप के मुताबिक एनसीपी (शरद) के मुखिया को राज्यसभा का एक और कार्यकाल दिया जाना था, जबकि सुप्रिया सुले को मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना था। संयुक्त पार्टी की कमान दिवंगत अजित पवार को संभालनी थी, जबकि शरद पार्टी में मुख्य सलाहकार की भूमिका में आने वाले थे।विलय के संदर्भ में बिग फोर में शामिल एक वरिष्ठ नेता ने सवाल किया कि इसकी जरूरत क्या है? इससे एनसीपी को क्या मिलने वाला है? उनका कहना था कि अजित के रहते