पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुट गए हैं, लेकिन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे चुनौती दी है और सुप्रीम कोर्ट सोमवार को उनकी याचिका पर सुनवाई करेगा। यह मामला राज्य में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों के बीच संतुलन का टेस्ट बनता दिख रहा है। पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। इससे पहले एक तरफ जहां राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। वहीं दूसरी ओर राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विवाद और गहराता जा रहा है। इसी सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दायर उस याचिका की सुनवाई करेगी, जिसमें वे राज्य में चल रहे विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) को चुनौती दे रही हैं।बता दें कि मुख्य न्यायाधीश सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच, जिसमें जस्टिस जॉयमलया बागची और एनवी अंजरिया शामिल हैं, आज यानी सोमवार को ममता बनर्जी की याचिका के साथ टीएमसी के सांसद डोला सेन और डेरेक ओ ब्रायन की समान याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। ये भी पढ़ें:- RSS: ‘जरूरत रहने तक जारी रहना चाहिए जाति आधारित आरक्षण’, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत बोले- राजनेता वोटवादी हैं सीएम की याचिका में क्या-क्या? ममता बनर्जी ने अपनी याचिका में विशेष गहन मतदाता संशोधन प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाया है। उन्होंने चुनाव आयोग पर राजनीतिक पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि इस प्रक्रिया में समाज के कमजोर वर्गों के लाखों मतदाताओं के नाम हटाए ज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Bengal SIR: ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, सीएम ने चुनाव आयोग पर लगाए हैं गंभीर आरोप
पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुट गए हैं, लेकिन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे चुनौती दी है और सुप्रीम कोर्ट सोमवार को उनकी याचिका पर सुनवाई करेगा। यह मामला राज्य में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों के बीच संतुलन का टेस्ट बनता दिख रहा है। पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। इससे पहले एक तरफ जहां राजनीतिक पार्टियों ने