1 of 8 बच्चों और चरवाहों की छेड़छाड़ के कारण बहुमूल्य वैज्ञानिक साक्ष्य नष्ट होने का खतरा। - फोटो : अमर उजाला Link Copied सीधी जिले के सिहावल जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोरौली कला के अतरौला पहाड़ी क्षेत्र में मिले संभावित जीवाश्म (फॉसिल) को लेकर एक ओर जहां इसके वैज्ञानिक और ऐतिहासिक महत्व की संभावना जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक उदासीनता के चलते यह बहुमूल्य खोज नष्ट होने की कगार पर पहुंचती नजर आ रही है। शनिवार को इस मामले को छह दिन बीत जाने के बाद भी न तो कोई विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंची है और न ही स्थल को विधिवत रूप से संरक्षित किया जा सका है। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 8 ग्राम कोरौली कला के ग्रामीण मौके पर। - फोटो : अमर उजाला ग्रामीणों के अनुसार, पहाड़ी पर फैली विशालकाय हड्डियां, जिनकी अनुमानित लंबाई 11 से 12 मीटर तक बताई जा रही है, अब असुरक्षित स्थिति में पड़ी हुई हैं। छोटे बच्चे और चरवाहे इन हड्डियों के टुकड़ों से छेड़छाड़ कर रहे हैं। इतना ही नहीं, कुछ बच्चों द्वारा जीवाश्म के टुकड़ों को तोड़कर इधर-उधर फेंक दिए जाने की बातें भी सामने आई हैं, जिससे संभावित ऐतिहासिक साक्ष्यों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका और बढ़ गई है। 3 of 8 ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान को दी सूचना। - फोटो : अमर उजाला स्थानीय निवासी नारायण केवट ने बताया कि जैसे ही पहाड़ी पर विकराल आकार की हड्डियां दिखाई दीं, उन्होंने तत्काल इसकी सूचना गांव के सरपंच को दी थी, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया गया। बाद में जब बच्चों द्वारा हड्डियों से छेड़छाड़ शुरू हुई, तब उन्होंने स्वयं पहल करते हुए बिखरे टुकड़ों को एकत्र कर एक स्थान प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
MP: सीधी में मिला रहस्यमयी जीवाश्म, 12 मीटर लंबी हड्डियां व बड़े-बड़े दांतों की क्या है कहानी? कहां हैं अधिकारी
1 of 8 बच्चों और चरवाहों की छेड़छाड़ के कारण बहुमूल्य वैज्ञानिक साक्ष्य नष्ट होने का खतरा। - फोटो : अमर उजाला Link Copied सीधी जिले के सिहावल जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोरौली कला के अतरौला पहाड़ी क्षेत्र में मिले संभावित जीवाश्म (फॉसिल) को लेकर एक ओर जहां इसके वैज्ञानिक और ऐतिहासिक महत्व की संभावना जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक उदासीनता के चलते यह बहुमूल्य खोज नष्ट होने की कगार पर पहुंचती नजर आ रही है। शनिवार को इस मामले को छह दिन बीत जाने के बाद भी न तो कोई विशेषज्ञ टीम मौके प