दिल्ली के जनकपुरी में एक गड्ढे में गिरने से एक निजी बैंक मेंं कार्यरत युवक कमल की मौत हो गई है। यह गड्ढे जल बोर्ड द्वारा खोदे गए थे। अब इस मामले पर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में फैली लालच और लापरवाही की महामारी आज फिर एक युवा की जान ले गई। राहुला गांधी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “हिंदुस्तान में फैली लालच और लापरवाही की महामारी आज फिर एक युवा की जान ले गई। एक बेटा, एक सपना, मां-बाप की पूरी दुनिया सब कुछ एक झटके में उजाड़ दिया गया। यह हादसा नहीं, हत्या है, और हत्यारी है जवाबदेही से भागती सत्ता। असली कातिल सड़क नहीं, गैरजिम्मेदार सत्ता है। क्योंकि यहां न इस्तीफा होता है, न सजा मिलती है, न किसी की अंतरात्मा जागती है। इंदौर का जहरीला पानी, नोएडा में युवराज की जान लेने वाली सड़क, गिरते पुल, टकराती ट्रेनें, दम घोंटता प्रदूषण… कोई जवाबदेही नहीं है, और जब तक जवाबदेही नहीं होगी, तब तक कोई न कोई लालच की महामारी का अगला शिकार बनता रहेगा।" यह भी पढ़ें- ‘घी बनाने में हुआ बाथरूम क्लीनर का इस्तेमाल’: तिरुपति लड्डू में मिलावट पर CM नायडू का दावा, जगन पर साधा निशाना क्या है पूरा मामला कमल गुरुवार की रात करीब 10 बजे बाइक से घर लौट रहा था। वह रोहिणी स्थित एक निजी बैंक की ब्रांच में कार्यरत था। जब वह लौट रहा था तब अचानक जनकपुरी के पास सड़क पर मौजूद गहरे गड्ढे ने उसकी जिंदगी छीन ली। परिवार का आरोप है कि अगर सड़क पर सुरक्षा इंतजाम होते तो यह हादसा टल सकता था। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हमको इस इलाके में उसकी आखिरी लोकेशन बताई, लेकिन उसे ढूंढने में मदद नहीं की। हम उसे ढूंढते रहे, लेकिन वह नहीं मिला। यह घोर लापर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Kamal Death Case:'असली कातिल सड़क नहीं, गैरजिम्मेदार सत्ता है'; राहुल गांधी ने दिल्ली सरकार पर साधा निशाना
दिल्ली के जनकपुरी में एक गड्ढे में गिरने से एक निजी बैंक मेंं कार्यरत युवक कमल की मौत हो गई है। यह गड्ढे जल बोर्ड द्वारा खोदे गए थे। अब इस मामले पर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में फैली लालच और लापरवाही की महामारी आज फिर एक युवा की जान ले गई। राहुला गांधी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “हिंदुस्तान में फैली लालच और लापरवाही की महामारी आज फिर एक युवा की जान ले गई। एक बेटा, एक सपना, मां-बाप की पूरी दुनिया सब कुछ एक झटके में उजाड़ दिया गया। यह हादसा नहीं,