तेलंगाना में 11 फरवरी को होने वाले नगरपालिका और नगर निगम चुनावों के नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। साथ ही आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी अपने अपने चरम पर पहुंच गई है। इसी बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने निर्मल जिला के भैंसा में एक चुनावी सभा में कई अहम मुद्दों पर अपना बयान दिया। इस दौरान उन्होंने न केवल स्थानीय राजनीति पर बात की, बल्कि देश के बड़े राजनीतिक मुद्दों, दलित‑पिछड़े समुदायों और विदेश नीति को लेकर भी सरकार का घेराव किया। साथ ही भाजपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। ओवैसी ने कहा कि भैंसा में कुछ वार्डों में भाजपा और कांग्रेस आमने‑सामने नहीं लड़ रहे हैं। उदाहरण के तौर पर वार्ड नंबर 15 में भाजपा ने अपने उम्मीदवार को वापस ले लिया और कहा कि कांग्रेस को वोट दें।ओवैसी ने इसे 2026 की कांग्रेस‑भाजपा की लव स्टोरी बताया। उनका कहना था कि यह दिखाता है कि कभी-कभी पार्टियां सिर्फ अपनी राजनीतिक रणनीति के लिए जनता को साधारण वोटर बना देती हैं।अपने संबोधन के दौरान ओवैसी ने दलित और हिंदू पिछड़े समुदायों के लोगों से सीधे बात की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी खुद को सबसे बड़े पिछड़े वर्ग का नेता कहते हैं, लेकिन कुछ मामलों में उनकी बातें और काम अलग दिखते हैं। ओवैसी ने उदाहरण के तौर पर कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में भेदभाव नहीं होना चाहिए, जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला गया था। उन्होंने सरकार पर सवाल उठाया कि रोहित वेमुला की मौत और महाराष्ट्र में एक आदिवासी डॉक्टर की मौत के पीछे क्यों स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।ओवैसी ने देश की विदेश नीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने पीएम मोदी को कहा कि रूस से तेल न खरीदो, वेनेजुएला से खरीदो औ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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