1 of 9 गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस - फोटो : अमर उजाला भले ही पुलिस की शुरुआती जांच में ऑनलाइन टास्क गेम की बात सामने न आई हो, लेकिन पिता चेतन कुमार का कहना है कि तीनों किशोरियां तीन साल से टास्क गेम खेल रही थीं। उन्होंने यह भी बताया कि बेटियां कोरिया जाने की जिद करती थीं। इस संबंध में कई बार उन्होंने बेटियों को समझाकर शांत कराया। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद तीनों नाबालिग बहनों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए निगम बोध घाट ले जाया गया। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 9 गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस - फोटो : अमर उजाला पत्रकारों से बातचीत में चेतन ने बताया कि उनकी तीनों बेटियां स्कूल नहीं जा रही थीं। पूर्व में फेल होने की वजह से शर्म के चलते बेटियों ने स्कूल जाना बंद कर दिया था। इसके बाद वह मोबाइल में कोरियन टास्क गेम खेलने लगीं। बुधवार को हादसे के बाद जब फॉरेंसिक टीम घर पहुंची तो उन्होंने मोबाइल में गेमिंग एप देखे। 3 of 9 Ghaziabad Triple Suicide - फोटो : अमर उजाला पिता के अनुसार, हादसे से पहले भी बेटियों के पास मोबाइल था। हालांकि, उन्हें यह जानकारी नहीं है कि वह गेम खेल रही थीं या कुछ और कर रही थीं। 4 of 9 Ghaziabad Triple Suicide - फोटो : अमर उजाला प्राची थी लीडर पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि तीनों बहनें एकराय होकर रहती थीं। 14 वर्षीय प्राची लीडर थी। वही तय करती थी कि तीनों को क्या करना है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि तीनों बहने एक साथ दैनिक कार्य करती थीं, चाहें वह नहाना हो या फिर खाना खाना। तीनों हर वक्त साथ रहती थीं और जिद्दी स्वभाव की थीं। 5 of 9 ghaziabad suicide - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
सामूहिक खुदकुशी मामले में नया खुलासा: पिता बोले- तीन साल से खेल रही थीं टास्क गेम, कोरिया जाने की करती थीं जिद
1 of 9 गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस - फोटो : अमर उजाला भले ही पुलिस की शुरुआती जांच में ऑनलाइन टास्क गेम की बात सामने न आई हो, लेकिन पिता चेतन कुमार का कहना है कि तीनों किशोरियां तीन साल से टास्क गेम खेल रही थीं। उन्होंने यह भी बताया कि बेटियां कोरिया जाने की जिद करती थीं। इस संबंध में कई बार उन्होंने बेटियों को समझाकर शांत कराया। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद तीनों नाबालिग बहनों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए निगम बोध घाट ले जाया गया। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 9 गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस - फोटो : अमर