उत्तर से दक्षिण तक देश का मौसम इन दिनों कई रंग दिखा रहा है। कहीं बारिश और बर्फबारी से ठंड का असर तेज हो गया, तो कहीं शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन को थाम लिया है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण उत्तर भारत में मौसम लगातार अस्थिर बना हुआ है, जबकि दक्षिणी समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाओं ने मछुआरों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक यह बदलाव फिलहाल कुछ दिनों तक बना रह सकता है। अगले 7 दिनों के दौरान तीन पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार तीन फरवरी से एक पश्चिमी विक्षोभ पंजाब और हरियाणा के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके साथ ही ऊपरी वायुमंडल में एक ट्रफ भी प्रभावी बना हुआ है। पांच फरवरी की रात से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय को प्रभावित कर सकता है। इन मौसमी प्रणालियों के संयुक्त असर से उत्तर भारत में कहीं हल्की बारिश, कहीं बर्फबारी, तो कहीं घना कोहरा देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड में तीन फरवरी से मौसम फिर करवट लेता दिख रहा है। 2,500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। गंगोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ में ताजी बर्फ गिरने के आसार हैं।मैदानी राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाएं : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में वज्रपात की भी आशंका है।दिल्ली और आसपास के इलाकों में घने कोहरे को देखते हुए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। सुबह के समय दृश्यता काफी कम ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Weather Report: पहाड़ों पर बर्फ और मैदानों में बारिश-बिजली जारी, शीत लहर भी तारी; दिल्ली में कोहरे का अलर्ट
उत्तर से दक्षिण तक देश का मौसम इन दिनों कई रंग दिखा रहा है। कहीं बारिश और बर्फबारी से ठंड का असर तेज हो गया, तो कहीं शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन को थाम लिया है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण उत्तर भारत में मौसम लगातार अस्थिर बना हुआ है, जबकि दक्षिणी समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाओं ने मछुआरों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक यह बदलाव फिलहाल कुछ दिनों तक बना रह सकता है। अगले 7 दिनों के दौरान तीन पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकते हैं। मौसम