चुनाव से ठीक पहले एसआईआर प्रक्रिया क्यों शुरू की गई? इतनी बड़ी जांच दो-तीन महीने में बिना पहले से योजना के कैसे पूरी की जा सकती है? चार चुनावी राज्यों में से तीन में एसआईआर हो रहा है, लेकिन भाजपा शासित असम में क्यों नहीं? एसआईआर के कथित पीड़ितों को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त मौका नहीं दिया जा रहा। कई लोग एसआईआर से प्रभावित हैं और बड़ी संख्या में लोग इससे परेशान भी हैं। साथ ही सीएम ममता बनर्जी ने दावा किया कि अगर वह चाहतीं तो लाखों लोगों को दिल्ली ला सकती थीं, लेकिन उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का फैसला किया। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया के समय और तरीके पर आपत्ति जताई।ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव से ठीक पहले एसआईआर कराना समझ से परे है। उन्होंने सवाल किया कि क्या बिना लंबी तैयारी के दो से तीन महीने में इतनी बड़ी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि चार चुनावी राज्यों में से तीन में यह प्रक्रिया हो रही है, लेकिन भाजपा शासित असम में इसे लागू नहीं किया गया। उनके मुताबिक यह चयनात्मक कार्रवाई का संकेत देता है।मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एसआईआर के कथित पीड़ितों को अपनी बात रखने और बचाव का पूरा मौका नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों में डर और भ्रम का माहौल बन रहा है। ममता बनर्जी ने मांग की कि ऐसी किसी भी प्रक्रिया में पारदर्शिता और पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए, ताकि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची से बाहर न हो। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें