2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने वाम दलों और इंडियन सेक्युलर फ्रंट के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था। हालांकि, पार्टी 294 सीटों वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। वर्तमान समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति मुख्य रूप से तृणमूल कांग्रेस और भाजपा पर केंद्रित है। 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद भाजपा ने राज्य में अपना संगठन विस्तार किया है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी सफलता मिली। वहीं 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा मुख्य विपक्षी दल के तौर पर उभरा। ममता बनर्जी के इस फैसले को कांग्रेस के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, भाजपा के खिलाफ विपक्षी पार्टियों ने मिलकर इंडिया ब्लॉक बनाया है। इनमें कांग्रेस के साथ ही टीएमसी भी शामिल है। इसके बावजूद ममता बनर्जी ने कांग्रेस को सीधे तौर पर सियासी ठेंगा दिखा दिया है।बीते जनवरी महीने में कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी (पश्चिम बंगाल) के चेयरमैन बीके हरिप्रसाद ने कहा था कि स्क्रीनिंग कमेटी की पहली बैठक हुई। उन्होंने बताया था कि पार्टी हाईकमान जल्द ही पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी नेतृत्व के साथ बैठक करेगा ताकि आने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति को फाइनल किया जा सके। माना जा रहा था कि कांग्रेस को टीएमसी के साथ गठबंधन की उम्मीद थी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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