सर्राफा बाजार में जश्न का माहौल था। सोना और चांदी अपनी रिकॉर्ड स्तरों पर थे, और निवेशक इस उम्मीद में थे कि डॉलर का कमजोर होना जारी रहेगा। सोने-चांदी की कीमतें और बढ़ेंगी, पर बाजार धराशाई हो गया। चांदी एक दिन में ही सवा लाख रुपये टूट गई। सोना भी बुरी तरह टूट गया। हालांकि, इस गिरावट की असली कहानी डोनाल्ड ट्रंप ने 27 जनवरी को ही लिख दी थी। क्या है पूरा मामला विस्तार से जानेंगे। पहले जानते हैं दिल्ली में सोमवार को सोने और चांदी का भाव। सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों का क्या हाल? अखिल भारतीय सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार सोमवार को भी सोने और चांदी की कीमतों में फिर भारी गिरावट दर्ज की गई। जहां चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन बड़ी गिरावट आई और यह 52,000 रुपये टूटकर 2.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। पिछले तीन सत्रों में चांदी अपने 29 जनवरी के उच्चतम स्तर से लगभग 36 प्रतिशत गिर चुकी है। वहीं 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत भी 12,800 रुपये गिरकर 1,52,700 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई है। क्यों धड़ाम हो गया सोने और चांदी का भाव? आइए अब विस्तार से समझते हैं सर्राफा बाजार में आई इस बड़ी गिरावट का कारण। विशेषज्ञों के अनुसार, इस भारी बिकवाली के पीछे मजबूत अमेरिकी डॉलर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दुनिया के अलग-अलग देशों से हो रही टैरिफ पर बातचीत, अमेरिका-ईरान के बीच तनाव में कमी और अमेरिका में फेडरल रिजर्व के अगले अध्यक्ष के रूप में केविन वॉर्श के नाम का आगे आना है। इसके अलावे केंद्रीय बजट 2026-27 में सोने और चांदी के आयात शुल्क में कोई बदलाव न होने से भी बाजार की उम्मीदों को झटका लगा। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में निवेशकों ने जम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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