पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मामले पर दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ हुई बैठक को गुस्से में बीच में छोड़कर बाहर निकल गईं। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि बैठक के दौरान ममता और उनके साथ आए TMC नेताओं ने अपने मुद्दों पर बात रखी, लेकिन आयोग की ओर से जवाब सुनने का अवसर उन्हें नहीं मिला। एक अधिकारी ने बताया जब आयुक्त जवाब देने लगे, टीएमसी नेताओं ने कई बार बीच में टोकते हुए जवाब दिया। ममता बनर्जी गुस्से में थीं और बैठक बीच में ही छोड़कर चली गईं। #WATCH | Delhi: West Bengal CM Mamata Banerjee comes out of the Election Commission Office in Delhi. She says, “I am very sad. I have been involved in politics in Delhi for a very long time. I was a minister 4 times and an MP 7 times. I have never seen such an Election… pic.twitter.com/2LayXFCfzy — ANI (@ANI) February 2, 2026 बैठक के बाद ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर ‘भाजपा का दलाल’ होने का आरोप लगाते हुए कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने और उनके साथ आए कुछ SIR-प्रभावित परिवारों और पार्टी नेताओं ने काले शॉल पहनकर विरोध भी व्यक्त किया। ममता ने चुनाव आयोग कार्यालय से बाहर आते ही कहा कि वह इस पूरे मामले से बहुत दुखी हैं। ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने बंगाल को विशेष रूप से निशाना बनाया है और 58 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए, जबकि उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया।ममता बनर्जी ने कहा ‘हम देख रहे हैं कि क्या चुनाव आयोग चुनाव से पहले सरकार चुनेगा। आपके पास भाजपा की शक्ति है, हमारे पास जनता की शक्ति है। इसलिए हमने बैठक का बहिष्कार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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