आज का शब्द: विवर्ण और सुमित्रानंदन पंत की कविता ‘सौन्दर्य कला’ हिंदी हैं हम शब्द-शृंखला में आज का शब्द है - विवर्ण जिसका अर्थ है - रंगहीन; कांतिहीन। कवि सुमित्रानंदन पंत ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है। नव वसंत की रूप राशि का ऋतु उत्सव यह उपवन, सोच रहा हूँ, जन जग से क्या सचमुच लगता शोभन! या यह केवल प्रतिक्रिया, जो वर्गों के संस्कृत जन मन में जागृत करते, कुसुमित अंग, कंटकावृत मन! रंग रंग के खिले फ़्लॉक्स, वरवीना, छपे डियांथस, नत दृग ऐटिह्रिनम, तितली सी पेंज़ी, पॉपी सालस; हँसमुख कैंडीटफ्ट, रेशमी चटकीले नैशटरशम, खिली स्वीट पी,- - एवंडंस, फ़िल वास्केट औ’ ब्लू बैंटम। दुहरे कार्नेशंस, स्वीट सुलतान सहज रोमांचित, ऊँचे हाली हॉक, लार्कस्पर पुष्प स्तंभ से शोभित। फूले बहु मख़मली, रेशमी, मृदुल गुलाबों के दल, धवल मिसेज एंड्रू कार्नेगी, ब्रिटिश क्वीन हिम उज्वल। जोसेफ़ हिल, सनबर्स्ट पीत, स्वर्णिम लेडी हेलिंडन, ग्रेंड मुगल, रिचमंड, विकच ब्लैक प्रिंस नील लोहित तन। फ़ेअरी क्वीन, मार्गेरेट मृदु वीलियम शीन चिर पाटल, बटन रोज़ बहु लाल, ताम्र, माखनी रंग के कोमल। विविध आयताकार, वर्ग षट्कोण क्यारियाँ सुषमित, वर्तुल, अंडाकृति, नव रुचि से कटी छँटी, दूर्वावृत। चित्रित-से उपवन में शत रंगो में आतप-छाया, सुरभि श्वसित मारुत, पुलकित कुसुमों की कंपित काया। नव वसंत की श्री शोभा का दर्पण सा यह उपवन, सोच रहा हूँ, क्या विवर्ण जन जग से लगता शोभन! इस मटमैली पृथ्वी ने सतरंगी रवि किरणों से खींच लिए किस माया बल से सब रँग आभरणों से। युग युग से किन सूक्ष्म बीज कोषों से विकसित होकर राशि राशि ये रूप रंग भू पर हो रहे निछावर! जीवन ये भर सके नहीं मृन्मय तन में धरती के, सुंदरत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
आज का शब्द: विवर्ण और सुमित्रानंदन पंत की कविता 'सौन्दर्य कला'
आज का शब्द: विवर्ण और सुमित्रानंदन पंत की कविता 'सौन्दर्य कला' हिंदी हैं हम शब्द-शृंखला में आज का शब्द है - विवर्ण जिसका अर्थ है - रंगहीन; कांतिहीन। कवि सुमित्रानंदन पंत ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है। नव वसंत की रूप राशि का ऋतु उत्सव यह उपवन, सोच रहा हूँ, जन जग से क्या सचमुच लगता शोभन! या यह केवल प्रतिक्रिया, जो वर्गों के संस्कृत जन मन में जागृत करते, कुसुमित अंग, कंटकावृत मन! रंग रंग के खिले फ़्लॉक्स, वरवीना, छपे डियांथस, नत दृग ऐटिह्रिनम, तितली सी पेंज़ी, पॉपी सालस; हँसमुख कैंडीट