मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जीया। दुनिया में सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं है। आज अंतिम श्वास तक मेरे दिल में सनातन ही है। मेरा सौभाग्य है कि मैंने सनातन धर्म में जन्म लिया और अंतिम श्वास भी सनातन के लिए ली, मेरे जीवन में आदि जगतगुरु शंकराचार्य भगवान, विश्व योग गुरुओं व पूज्य संत महात्माओं का हर पल आशीर्वाद रहा। मैंने आदि गुरु शंकराचार्य और देश के कई महान संत महात्माओं को लिखित पत्र लिखा। अग्निपरीक्षा के लिए निवेदन किया लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा लेकिन ईश्वर और पूज्य संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा… मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।“जाहिर है, इस सुसाइड नोट में वो अपनी मौत की बात भी लिख रही हैं और साथ अग्निपरीक्षा देने की पेशकश करने का भी जिक्र कर रही हैं। वो पेशकश, जो वो पहले भी वायरल वीडियो के सामने आने के बाद कर चुकी थी। यानी उनकी मौत का कनेक्शन उस वायरल वीडियो से भी जुड़ता है, जिसने उनकी और उनके गुरु की जिंदगी में भूचाल ला दिया था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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