1 of 11 इंजीनियर युवराज का आखिरी वीडियो वायरल - फोटो : अमर उजाला Link Copied एसआईटी ने नोएडा प्राधिकरण से पूछा है कि इतनी गहराई तक खोदाई और जलभराव सेक्टर के बीच कैसे हुआ। अगर खनन विभाग की तरफ से खोदाई की एनओसी दी गई थी तो उसका भी ब्यौरा उपलब्ध करवाया जाए। नोएडा सेक्टर-150 में 16 जनवरी की रात सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज तालाब बने जिस प्लाट में जिस जगह डूबा था वहां की गहराई जलभराव समेत 55 से 70 फीट होने का अनुमान है। यह जानकारी हादसे की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को एसडीआरएफ-एनडीआरएफ की तरफ से दी गई है। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 11 इंजीनियर युवराज मामले में NGT ने लिया स्वत: संज्ञान - फोटो : अमर उजाला GFX साथ ही निगरानी के लिए प्राधिकरण की तरफ से जवाब में वर्क सर्कल-10 के जेई एई का नाम दिया गया था। एसआईटी ने जीएम और वरिष्ठ प्रबंधक की भी जिम्मेदारी पर जवाब मांगा है। यही नहीं सड़क सुरक्षा के इंतजाम न होने पर नोएडा ट्रैफिक सेल से जिम्मेदारों के नाम मांगे हैं। इन सवालों के जवाब प्राधिकरण की तरफ से भेजे जाने की सूचना है। 3 of 11 इंजीनियर युवराज का आखिरी वीडियो वायरल - फोटो : अमर उजाला गौरतलब है कि हादसे की जांच कर रही एसआईटी प्राथमिक रिपोर्ट शासन को दे चुकी है। इसके बाद जिम्मेदारी निर्धारण के लिए प्राधिकरण, पुलिस और प्रशासन से दिए गए जवाबों को और स्पष्ट करवाया जा रहा है। सूत्रों की माने तो गहराई से हुई खोदाई को लेकर प्राधिकरण की तरफ से खनन विभाग की एनओसी का हवाला दिया गया है। 4 of 11 घटना स्थल पर युवराज की मौत को लेकर जॉच करने पहुंची एसआईटी की टीम - फोटो : अमर उजाला यह भी बताया गया है कि सड़क पर सुरक्षा इंतजाम मौ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
UP: 'इतनी गहराई में खोदाई कैसे कर दी?', युवराज के डूबने पर SIT ने नोएडा प्राधिकरण से पूछे ये सवाल; नया अपडेट
1 of 11 इंजीनियर युवराज का आखिरी वीडियो वायरल - फोटो : अमर उजाला Link Copied एसआईटी ने नोएडा प्राधिकरण से पूछा है कि इतनी गहराई तक खोदाई और जलभराव सेक्टर के बीच कैसे हुआ। अगर खनन विभाग की तरफ से खोदाई की एनओसी दी गई थी तो उसका भी ब्यौरा उपलब्ध करवाया जाए। नोएडा सेक्टर-150 में 16 जनवरी की रात सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज तालाब बने जिस प्लाट में जिस जगह डूबा था वहां की गहराई जलभराव समेत 55 से 70 फीट होने का अनुमान है। यह जानकारी हादसे की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को एसडीआरएफ-एनडीआरएफ की तरफ