रोजगार, विनिर्माण और एमएसएमई पर फोकस बजट में रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान देने की उम्मीद है। इसमें विनिर्माण, कौशल विकास और अपरेंटिस कार्यक्रमों से जुड़े प्रोत्साहन शामिल हो सकते हैं। उच्च इनपुट लागत से लाभ में कमी का सामना कर रहे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को समर्थन देने वाली योजनाओं के लिए आवंटन में वृद्धि या ऋण गारंटी सहायता दी जा सकती है। इसके साथ ही विनिर्माण क्षमता, निर्यात और रोजगार पर उत्पादन-प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं में भी सुधार संभव है। इसके अलावा हरित उर्जा के क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, बैटरी भंडारण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए समर्थन बढ़ सकता है। स्वच्छ ऊर्जा उपकरणों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के उपाय भी हो सकते हैं। ये भी पढ़ें:- Budget 2026: एक कड़ाही हलवा और लगभग 100 अधिकारियों की ‘नजरबंदी’, जानिए नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट की इनसाइड स्टोरी रिकॉर्ड दर्ज करेंगी सीतारमण इन सभी चिजों के बीच सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात यह है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौ बार बजट पेश करने वाली देश की पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी। हालांकि, पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व वित्त मंत्री मोरारजी देसाई ने 10 बार और पी चिदंबरम ने 9 बार बजट पेश किया, लेकिन दोनों नेताओं ने ही अलग-अलग कार्यकालों में ऐसा किया है। इसलिए भारत के इतिहास में यह पहली बार है जब कोई वित्त मंत्री लगातार नौ बार बजट पेश करेगा। चुनावी राज्यों पर नजर खर्च में कटौती की आशंका के बावजूद वित्त मंत्री से खर्च कम करने की उम्मीद नहीं है। चुनाव वाले राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम के लिए नए उपाय शामिल हो सकते हैं। कुछ योजनाओं को नए रूप में पेश किया जा सकता …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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