अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम ने कहा कि सोशल मीडिया पर यह अटकल कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) को एक नौसेना कमांडर को विस्फोट में निशाना बनाया गया ‘पूरी तरह से झूठी’ है।ईरानी मीडिया ने कहा कि विस्फोट की जांच की जा रही है। लेकिन उसने कोई और जानकारी नहीं दी। तुरंत टिप्पणी के लिए ईरानी अधिकारियों से संपर्क नहीं किया जा सका।बंदर अब्बास होरमुज की खाड़ी पर स्थित है, जो ईरान और ओमान के बीच एक अहम जलमार्ग है। दुनिया में जो तेल समुद्र के जरिए भेजा जाता है, उसका लगभग 20 फीसदी इसी बंदरगाह से होकर गुजरता है।यह विस्फोट ऐसे समय में हुआ है, जब हाल के विरोध प्रदर्शनों पर सख्ती कार्रवाई के बाद तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। इसके अलावा, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी पश्चिमी देश चिंतित हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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