भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक में अपने संबोधन में जयशंकर ने यह भी कहा कि आतंकवाद का निशाना बने समाजों को अपनी रक्षा करने का अधिकार है और वे ‘स्वाभाविक रूप से इसका इस्तेमाल करेंगे’।जयशंकर ने मौजूदा भू-राजनीतिक माहौल पर बात करते हुए कहा कि यह मध्य पूर्व में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, क्योंकि पिछले वर्ष में इस क्षेत्र की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा, यह स्पष्ट रूप से हम सभी को प्रभावित करता है और निकटवर्ती क्षेत्र होने के कारण भारत के लिए यह भी अहम है। काफी हद तक, इसके परिणाम भारत और अरब देशों के संबंधों के लिए भी प्रासंगिक हैं।विदेश मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम एशिया में कई अहम घटनाएं हुई हैं और इनमें से कई का असर क्षेत्र से बाहर भी देखा गया। उन्होंने गाजा व सूडान में संघर्ष, यमन, सीरिया और लीबिया की स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, इन चुनौतियों के मद्देनजर हमारा साझा हित स्थिरता, शांति और समृद्धि वाली ताकत को मजबूत करना है।अपने संबोधन में जयशंकर ने आतंकवाद से पैदा हुई चुनौतियों पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि इसे रोकने के लिए वैश्विक सहयोग की जरूरत है।(अधिक जानकारी अपडेट की जा रही है…) …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
India-Arab Foreign Ministers Meeting: 'सीमा पार आतंकवाद बिल्कुल स्वीकार्य नहीं', बैठक में बोले एस जयशंकर
भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक में अपने संबोधन में जयशंकर ने यह भी कहा कि आतंकवाद का निशाना बने समाजों को अपनी रक्षा करने का अधिकार है और वे 'स्वाभाविक रूप से इसका इस्तेमाल करेंगे'।जयशंकर ने मौजूदा भू-राजनीतिक माहौल पर बात करते हुए कहा कि यह मध्य पूर्व में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, क्योंकि पिछले वर्ष में इस क्षेत्र की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा, यह स्पष्ट रूप से हम सभी को प्रभावित करता है और निकटवर्ती क्षेत्र होने के कारण भारत के लिए यह भी अहम है। काफी हद तक, इसके परिण