रिकॉर्ड तेजी के बीच सर्राफा बाजार में शुक्रवार को कोहराम मच गया। रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के ठीक अगले ही दिन चांदी की चमक फीकी पड़ गई और इसमें ₹20,000 प्रति किलोग्राम की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। मुनाफावसूली की आंधी और वैश्विक स्तर पर कमजोर संकेतों के चलते न केवल चांदी बल्कि सोने की कीमतों में भी भारी ‘करेक्शन’ देखने को मिला। गुरुवार को अपने सर्वोच्च शिखर पर पहुंचने वाली चांदी शुक्रवार को औंधे मुंह गिरी। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 20,000 रुपये (करीब 5%) टूटकर 3,84,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई (सभी करों सहित)। गौरतलब है कि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ने 19,500 रुपये की छलांग लगाई थी और 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर को छू लिया था।अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। स्पॉट सिल्वर12.09% यानी 14 डॉलर टूटकर 101.47 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। इंट्रा-डे कारोबार में तो यह 17.5% गिरकर 95.26 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर तक पहुंच गई थी।चांदी की तरह सोने में भी भारी बिकवाली का दबाव रहा। दिल्ली में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 14,000 रुपये (7.65%) गिरकर ₹1,69,000 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। गुरुवार को सोना ₹12,000 चढ़कर 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था।बाजार विश्लेषकों ने सर्राफा बाजार में भारी गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण बताए हैं-एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने बताया कि लगातार कई सत्रों की तेजी के बाद बड़े संस्थागत निवेशकों ने अपनी ‘लॉन्ग पोजीशन’ काटी हैं, जिससे बाजार में भारी बिकवाली आई।कोटक सिक्योरिट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें