ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच यूरोपीय संघ ने बड़ा फैसला लिया है। टाइम्स ऑफ इस्राइल की रिपोर्ट के अनुसार, संघ के विदेश मंत्रियों ने ईरान की सेना ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर’ (आईआरजीसी) को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद अब आईआरजीसी को इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) और अल-कायदा जैसे खतरनाक संगठनों की सूची में शामिल कर लिया गया है। यूरोप का यह कदम ईरान के नेतृत्व के प्रति यूरोप के बदलते कड़े रुख को दिखाता है। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने इस फैसले का समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, जनता पर किए गए जुल्म का जवाब जरूर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो शासन अपने ही हजारों लोगों की हत्या करता है, उसका पतन निश्चित है। नीदरलैंड के विदेश मंत्री डेविड वैन वील ने भी कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई हिंसा और क्रूरता को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।इस्राइल ने यूरोपीय संघ के इस फैसले का स्वागत किया है। इस्राइली विदेश मंत्री गिदोन सा’आर ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस्राइल कई वर्षों से इस परिणाम के लिए कोशिश कर रहा था। इस्राइल के अनुसार, आईआरजीसी क्षेत्र में अस्थिरता और आतंकवाद फैलाने वाली सबसे बड़ी ताकत है। इस फैसले से अब यूरोप में आईआरजीसी की गतिविधियों पर रोक लगाना आसान हो जाएगा।कानूनी तौर पर इस फैसले के कई बड़े असर होंगे। अब यूरोपीय संघ के देशों के लिए आईआरजीसी के सदस्यों पर मुकदमा चलाना बहुत सरल हो जाएगा। अधिकारियों को अब किसी खास आतंकी साजिश को साबित करने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि केवल संगठन से जुड़ाव होना ही कार्रवाई के लिए काफी होगा। इसके अलावा, इस संगठन की संपत्तियों को फ्रीज करना और यूरोपीय पुलिस ( …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
European Union: यूरोपीय संघ का एलान- इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर आतंकी संगठन; ईरान बोला- गलती कर रहे हो
ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच यूरोपीय संघ ने बड़ा फैसला लिया है। टाइम्स ऑफ इस्राइल की रिपोर्ट के अनुसार, संघ के विदेश मंत्रियों ने ईरान की सेना 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर' (आईआरजीसी) को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद अब आईआरजीसी को इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) और अल-कायदा जैसे खतरनाक संगठनों की सूची में शामिल कर लिया गया है। यूरोप का यह कदम ईरान के नेतृत्व के प्रति यूरोप के बदलते कड़े रुख को दिखाता है। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने इस फैसले का समर्थन