दरअसल, दिल्ली-एनसीआर में तापमान में काफ़ी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। 27 जनवरी का अधिकतम तापमान गिरकर 16.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि 26 जनवरी को यह 23.2 डिग्री सेल्सियस था। वहीं, 27 जनवरी को न्यूनतम तापमान बढ़कर 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 26 जनवरी को 8 डिग्री सेल्सियस था। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 28 जनवरी को दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। पिछले कुछ हफ्तों से तापमान और अन्य मौसमीय मानकों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह सिलसिला जारी रहेगा और 29 जनवरी को न्यूनतम तापमान में फिर से तेज़ गिरावट आने की संभावना है।मौसम विभाग के मुताबिक, 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसके असर से 1 फरवरी को पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।निजी मौसम एजेंसी स्काइमेट वेदर के मुताबिक, 28 जनवरी को दिन के दूसरे हिस्से में दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहे। 29 और 30 जनवरी को भी आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है। हालांकि, बीटिंग द रिट्रीट समारोह के दौरान बारिश के आसार नहीं हैं, लेकिन ऊंचे बादलों की मौजूदगी के चलते दिन का तापमान नियंत्रित रह सकता है। स्काइमेट के अनुसार, 30 जनवरी 2026 की रात के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से मैदानी इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त असर से दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। हालांकि बारिश ज्यादा तेज नहीं होगी, लेकिन सप्ताहांत क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Weather:ठंड का कमबैक! दिल्ली-NCR में फिर बदलेगा मौसम, कड़ाके की ठंड के साथ आंधी-बारिश; जानिए वीकेंड का हाल
दरअसल, दिल्ली-एनसीआर में तापमान में काफ़ी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। 27 जनवरी का अधिकतम तापमान गिरकर 16.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि 26 जनवरी को यह 23.2 डिग्री सेल्सियस था। वहीं, 27 जनवरी को न्यूनतम तापमान बढ़कर 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 26 जनवरी को 8 डिग्री सेल्सियस था। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 28 जनवरी को दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। पिछले कुछ हफ्तों से तापमान और अन्य मौसमीय मानकों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है