दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तनाव और देशों के बीच विवाद की स्थिति में सोना और चांदी की आपूर्ति मुश्किल होती है। 2020 में कोरोनावायरस महामारी, 2022 से रूस-यूक्रेन युद्ध और फिर 2023 के बाद से इस्राइल-हमास संघर्ष ने रिजर्व के तौर पर सोना-चांदी का महत्व बढ़ा दिया।दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से दुनिया में चांदी को लेकर होड़ मची है। उनकी अप्रत्याशित विदेश नीति और टैरिफ नियमों के बाद से ही दुनिया ने चांदी जुटाना तेज किया है। वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले, ग्रीनलैंड को खरीदने को लेकर अमेरिका की धमकी और अब ईरान के खिलाफ जंग छेड़ने की धमकी के कारण दुनियाभर में उथल-पुथल का माहौल है। ऐसे समय में निवेशक चांदी को मुद्रा के मुकाबले ज्यादा अहम रिजर्व मानते हैं, जिसकी कीमत हर वक्त बढ़ती है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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