अंतिम संस्कार की रस्में दोपहर में शुरू हुईं। अजित पवार के बेटों, पार्थ और जय ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान उनकी पत्नी और राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार अपने आंसू नहीं रोक पा रही थीं। जब उनके पार्थिव शरीर को राष्ट्रीय ध्वज में लिपटा हुआ उनके गांव काटेवाड़ी से विद्या प्रतिष्ठान मैदान लाया गया। मैदान में मौजूद हजारों लोगों ने “अजित दादा अमर रहें” के नारे लगाए, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया।इस दुखद घड़ी में देश और राज्य के कई बड़े नेता बारामती पहुंचे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, मुरलीधर मोहोल और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। अजित पवार के चाचा और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार भी वहां मौजूद थे। वे पूरे समय चुपचाप बैठे रहे और अपने भतीजे को अंतिम विदाई दी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी पुणे से बारामती पहुंचे और पुष्पचक्र अर्पित किए।अजित पवार की चचेरी बहन और सांसद सुप्रिया सुले पूरे समय सुनेत्रा पवार के साथ खड़ी रहीं और उन्हें सांत्वना देती रहीं। अंतिम संस्कार में प्रफुल्ल पटेल, रामदास अठावले, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, पूर्व मुख्यमंत्री सुशीलकुमार शिंदे और अशोक चव्हाण जैसे दिग्गज नेता भी शामिल हुए। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने भी काटेवाड़ी जाकर अजित पवार को श्रद्धांजलि दी। अभिनेता रितेश देशमुख भी इस मौके पर मौजूद थे।अजित पवार अपने अनुशासन के लिए जाने जाते थे। अंतिम संस्कार के दौरान लाउडस्पीकर से बार-बार लोगों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई। प्रशासन ने कहा कि शांति बनाए रखना ही ‘दादा’ के लिए सबसे बड़ी श्रद्धांजलि ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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