वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2026 को संसद में आगामी केंद्रीय बजट पेश करते हुए एक बार फिर अपना फोकस बुनियादी ढांचे के विकास पर रहने की उम्मीद है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की ताजा इकोरैप रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2027 में केंद्र सरकार का पूंजीगत व्यय यानी कैपेक्स 12 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर सकता है। बजटीय कैपेक्स: वित्तीय वर्ष 2016 (FY16) में यह मात्र 2.5 लाख करोड़ रुपये था, जो बजट अनुमानों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) में बढ़कर 11.2 लाख करोड़ रुपये हो गया है। वित्तीय वर्ष 2016 (FY16) में यह मात्र 2.5 लाख करोड़ रुपये था, जो बजट अनुमानों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) में बढ़कर 11.2 लाख करोड़ रुपये हो गया है। पूंजीगत संपत्तियों के लिए अनुदान : सरकार द्वारा विभिन्न स्तरों पर संपत्ति निर्माण के लिए दिए जाने वाले अनुदान में भी तेजी आई है। यह FY16 में 1.3 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में 4.3 लाख करोड़ रुपये हो गया है। एसबीआई की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और आर्थिक विकास को गति देने की रणनीति जारी रहेगी। रिपोर्ट के अनुसार, FY27 में सरकारी कैपेक्स में सालाना आधार पर लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जा सकती है। यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत सरकार अपने पूंजीगत खर्च में कटौती के मूड में नहीं दिख रही है।रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि पिछले कुछ वर्षों में बजट के जरिए होने वाले पूंजीगत व्यय में भारी उछाल आया है: FY26 में 19.8 लाख करोड़ पर पहुंचा था आंकड़ा अगर हम बजटीय आवंटन के साथ-साथ केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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