करीब दो दशक के लंबे इंतजार और बातचीत के बाद, भारत और यूरोपीय संघ (ईये) ने आखिरकार ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप दे दिया है। इसे व्यापार जगत की सबसे बड़ी संधियों में से एक माना जा रहा है, जो सीधे तौर पर भारतीय ऑटो बाजार और उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। इस समझौते के तहत यूरोपीय कारों पर लगने वाले भारी-भरकम टैक्स में बड़ी कटौती की गई है, जिससे भारत में लग्जरी गाड़ियों की कीमतें कम होने का रास्ता साफ हो गया है। कितनी कटौती: यूरोप से आने वाली कारों पर आयात शुल्क 110% से घटाकर मात्र 10% कर दिया गया है। यूरोप से आने वाली कारों पर आयात शुल्क 110% से घटाकर मात्र 10% कर दिया गया है। शर्त (कैविएट): यह छूट असीमित नहीं है। यह केवल सालाना 2,50,000 गाड़ियों के कोटा पर लागू होगी। यानी हर साल पहली 2.5 लाख यूरोपीय कारों पर ही कम टैक्स लगेगा। यह छूट असीमित नहीं है। यह केवल सालाना 2,50,000 गाड़ियों के कोटा पर लागू होगी। यानी हर साल पहली 2.5 लाख यूरोपीय कारों पर ही कम टैक्स लगेगा। किसे फायदा: फॉक्सवैगन, रेनो, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी कंपनियों को बड़ा फायदा होगा, जो अब तक ऊंचे टैक्स के कारण भारतीय बाजार में सीमित थीं। इस समझौते की अहमियत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” (अब तक का सबसे ऐतिहासिक समझौता) करार दिया है। मंगलवार को पीएम मोदी ने समझौता का एलान करते हुए कहा कि यह साझेदारी दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी की मिसाल है। यह समझौता वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन को मजबूत करेगा।पीएम मोदी ने कहा, “यह मुक्त व्यापार समझौता दुनिया भर के व्यवसायों और निवेशकों के लिए भारत में विश्वास को और मजबूत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
भारत-ईयू की ऐतिहासिक 'मदर ऑफ ऑल डील्स' फाइनल: सस्ती होंगी यूरोपियन कारें, पीएम मोदी ने बताया 'गेम चेंजर'
करीब दो दशक के लंबे इंतजार और बातचीत के बाद, भारत और यूरोपीय संघ (ईये) ने आखिरकार ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप दे दिया है। इसे व्यापार जगत की सबसे बड़ी संधियों में से एक माना जा रहा है, जो सीधे तौर पर भारतीय ऑटो बाजार और उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। इस समझौते के तहत यूरोपीय कारों पर लगने वाले भारी-भरकम टैक्स में बड़ी कटौती की गई है, जिससे भारत में लग्जरी गाड़ियों की कीमतें कम होने का रास्ता साफ हो गया है। कितनी कटौती: यूरोप से आने वाली कारों पर आयात शुल्क 110%