स्विट्जरलैंड स्थित सेंटर फॉर मिलिट्री हिस्ट्री एंड पर्सपेक्टिव स्टडीज (सीएचपीएम) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 10 मई, 2025 की सुबह तक भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के अहम हिस्सों पर हवाई श्रेष्ठता यानी अपना वर्चस्व हासिल कर लिया था। जिससे दुश्मन के ठिकानों के खिलाफ लंबी दूरी के सटीक हमले करने की अनुमति मिल गई थी। जिसके चलते पाकिस्तान घुटना पर आ गया और दुश्मन के हौंसले पलभर में ही पस्त हो गए।सीएचपीएम की नई रिपोर्ट में सैन्य इतिहासकार एड्रियन फोंटानेलाज ने 7 से 10 मई 2025 के बीच भारत-पाकिस्तान हवाई युद्ध का अब तक का सबसे विस्तृत स्वतंत्र विश्लेषण किया है।फोंटानेलाज द्वारा लिखित रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत की दूरस्थ हमलों को जारी रखने की क्षमता काफी हद तक ब्रह्मोस और स्कैल्प-ईजी क्रूज मिसाइलों जैसे उन्नत गोला-बारूद की उपलब्धता पर निर्भर करती है।इसके विपरीत 7 मई को सफलतापूर्वक अंजाम दिए गए जटिल हवाई अभियानों को दोहराने की पाकिस्तानी वायु सेना (पीएएफ) की क्षमता धीरे-धीरे कम होती गई। रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अग्रिम हवाई निगरानी रडार नष्ट हो गए थे और भारत की एस-400 वायु रक्षा प्रणालियों से पाकिस्तानी वायु सेना के एयरवेज सिस्टम (एडब्ल्यूएसी) और स्टैंडऑफ स्ट्राइक प्लेटफॉर्म को खतरा बढ़ता जा रहा था। क्योंकि 7 से 10 मई के बीच किए गए पाकिस्तानी हमलों को भारतीय रक्षा प्रणालियों ने काफी हद तक नाकाम कर दिया था।सीएचपीएम की रिपोर्ट में बताया गया है कि 7 मई को राफेल या मिराज 2000I लड़ाकू विमानों से युक्त दो भारतीय आक्रमण इकाइयों में से एक ने बेहद कम ऊंचाई पर पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया और फिर अचानक ऊपर उठकर सटीक बम गिरा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Op Sindoor पर विदेशी थिंक टैंक: वायुसेना की कार्रवाई से पस्त हो गया था पाकिस्तान, लगाई थी संघर्षविराम की गुहार
स्विट्जरलैंड स्थित सेंटर फॉर मिलिट्री हिस्ट्री एंड पर्सपेक्टिव स्टडीज (सीएचपीएम) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 10 मई, 2025 की सुबह तक भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के अहम हिस्सों पर हवाई श्रेष्ठता यानी अपना वर्चस्व हासिल कर लिया था। जिससे दुश्मन के ठिकानों के खिलाफ लंबी दूरी के सटीक हमले करने की अनुमति मिल गई थी। जिसके चलते पाकिस्तान घुटना पर आ गया और दुश्मन के हौंसले पलभर में ही पस्त हो गए।सीएचपीएम की नई रिपोर्ट में सैन्य इतिहासकार एड्रियन फोंटानेलाज ने 7 से 10 मई 2025 क