आठवें अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ के समापन समारोह में पहुंचे राज्यपाल ले. जन. गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहा कि सभी ज्योतिषी सच्चे साइंटिस्ट हैं। उन्हें एआई, क्वांटम, मेटा वर्ल्ड जैसी अत्याधुनिक तकनीकी को आत्मसात करना होगा। जिससे ज्योतिष विद्या का परचम पूरे विश्व में लहराएगा। रविवार को ग्राफिक एरा विवि में ज्योतिष महाकुंभ के समापन समारोह का शुभारंभ करते हुए राज्यपाल ने कहा कि संस्कृत और कंप्यूटर की भाषा में कोई अंतर नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, एब्सोल्यूट इंटेलिजेंस की ओर बढ़ेगा, जो कि भविष्य में कॉस्मिक इंटेलिजेंस का रूप लेगा। उन्होंने कहा कि आने वाला समय भारत का है। लिहाजा, ज्योतिषाचार्यों को भी इन अत्याधुनिक एआई जैसी तकनीकों को आत्मसात करना होगा।राज्यपाल ने कहा, जैसे टीवी आने के बाद सिनेमा को एक और जन्म मिला था वैसे ही एआई हमारी ज्योतिष विद्या को एक और जन्म देने वाला है। आपने जो यहां इस मंथन में सीखा, उसे पूरी मानवता से साझा कीजिए। उन्होंने कहा कि क्वांटम सोच के गुरु हनुमान थे, जिन्होंने पूरा पर्वत ही उठा लिया। हनुमान का आत्मविश्वास ऐसा था कि छाती फाड़ कर अपने मेटा वर्ल्ड के भीतर प्रभु सीता-राम दिखा दिए। हमें शिखर पर पहुंचने के लिए अपनी क्वांटम सोच को बदलना होगा। उन्होंने ज्योतिषाचार्यों से आह्वान किया कि नौ ग्रह, 12 राशियां, 27 नक्षत्र का जो भी संगम है, उससे आने वाले को प्रोत्साहित करें कि वो हनुमान जी का रूप धारण करे। ये भी पढ़ें…ज्योतिष महाकुंभ: बोले सीएम धामी, जनकल्याण का माध्यम बने ज्योतिष, नासा ने भी मानी इसकी ताकत, तस्वीरें राज्यपाल ने कहा कि उन्हें लगता है मुगलों और अंग्रेजों के समय में ज्योतिष को दबाने की कोशिश हुई थी लेकिन अब तो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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